कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने वाले संगठन से जुड़े हुए हैं तीनों युवक
चित्तौड़गढ़/जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान पुलिस के एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉयड (एटीएस) और चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान में होने वाले एक बड़े विस्फोटक हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है।
उदयपुर एटीएस एडि.एसपी अनंत कुमार ने बताया कि निम्बाहेड़ा में पुलिस ने बुधवार रात नाकाबंदी कर बोलेरो कार सवार 3 आरोपी रतलाम निवासी शैफुल्ला, जुबेर और अल्तमस को गिरफ्तार किया है, आरोपियों की बोलेरो गाड़ी से 4 पैकेट में भरा 12 किलो विस्फोटक पदार्थ (पाउडरनुमा), 3 आरपेड घड़ी, 3 कनेक्टर मय वायर, प्लास्टिक शीशी में रखे छह छोटो बल्ब और वायर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।
आरोपी विस्फोटक पदार्थ लेकर जयपुर जा रहे थे। आरोपियों को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और विधि विरूद्ध क्रिया कलाम अधिनियम में गिरफ्तार किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि जयपुर में एक बड़े बम धमाके की साजिश थी।
आतंकवादी मॉड्यूल की जांच में जुटी खुफिया एजेंसी

राजस्थान पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की सूचना पर टोंक और चित्तौड़गढ़ से 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, वहीं दो संदिग्धों को मध्यप्रदेश की एटीएस टीम की मदद से रतलाम से हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों को जयपुर लाया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि इनका किस आतंकवादी गिरोह से संपर्क है, आतंकवादी मॉड्यूल की साजिश क्या थी और कौन-कौन आतंकवादी इस साजिश् में सम्मिलित है। राजस्थान पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में एनआईए और आईबी को सूचना कर दी है।
राजस्थान-एमपी बॉर्डर रतलाम-निम्बाहेड़ा में सक्रिय है स्लीपर सेल.?

पुलिस ने बताया कि बुधवार रात सूचना पर निम्बाहेड़ा पुलिस नाकाबंदी कर रही थी। इस दौरान एक बोलेरो गाड़ी आयी। बोलेरो कार में रतलाम निवासी ये तीनों आरोपी बैठे हुए थे। पुलिस ने बोलेरो को रूकवाकर तलाशी ली तो 4 पैकेट मिले। चारों पैकेट को खोलकर देखा गया तो उनमें पाउडरनुमा विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी, इसके साथ ही टाइमर-घड़ियां, सर्किट वायर भी बरामद हुई हैं। आरोपी यह सामान लेकर जयपुर जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार ये तीनों आरोपी रतलाम में ही सक्रिय एक संगठन से जुड़े हुए हैं और अभी हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे हैं। यह संगठन कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने का काम करता है। यह पिछले 2 साल से स्लीपर सेल के तौर पर राजस्थान-एमपी बॉर्डर रतलाम-निम्बाहेड़ा में काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि इससे 40-45 लोग जुड़े हुए हैं।


