अमेरिकन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में हुई व्हाइट कोट सेरेमनी
उदयपुर। मानव सेवा और उत्कृष्ठ इलाज का जज्बा रखकर अपने परिवार, संस्थान का नाम देश-दुनिया में राशन करना ही हर डॉक्टर का एकमात्र ध्येय होना चाहिए। एक डॉक्टर के लिए सिर्फ रोगी ही भगवान होता है। नवआगंतुक मेडिकल छात्र-छात्राएं इसी ध्येय से डॉक्टर बनने का सपना साकार करें।
यह बात शनिवार को चेयरमैन एवं अमेरिका में चिकित्सारत विश्व प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति के जैन ने अमेरिकन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेस के 2021-22 बैच के नवआंगतुक छात्र-छात्राओं की व्हाइट कोट सेरेमनी में कहीं। उन्होंने कहा कि मेडिकल की शुरूआती पढ़ाई ही नींव होती है। इसे जो जितनी सिद्दत से पढता और समझता है वह उतना ही उंचा मुकाम हासिल करता है।
इस इंस्टीट्यूट से मेरा उद्देश्य है कि यहां से मेडिकल की पढ़ाई करने वाला हर छात्र अत्याधुनिक तकनीक से जुड़कर अध्ययन करें और देश दुनिया के किसी भी कोने में रहे एम्स, उदयपुर का नाम रोशन करें।
विषय विशेषज्ञों से नवआगंतुकों का परिचय कराया
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के संरक्षक डॉ. एसके कौशिक ने नवआंगतुक छात्र-छात्राओं का स्वागत किया और बताया कि देषभर की सर्वश्रेष्ठ फैकल्टी अगले साढ़े चार साल तक एमबीबीएस की पढ़ाई कराएगी। यहां से एमबीबीएस से मेडिकल की पढ़ाई की शुरूआत है और यह अध्ययन का क्रम निरंतर जारी रखने से ही अत्याधुनिक तकनीक से जुड़ना संभव होगा। मेडिकल में समय के साथ कई परिवर्तन आए है और आगे भी आएंगे। इससे जुड़कर ही श्रेष्ठ डॉक्टर बनना संभव होगा।
डीन डॉ. विनय जोशी ने सभी विषय विशेषज्ञों से नवआगंतुकों का परिचय कराया। ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने नवआगंतुकों को मेडिकल कॉलेज के बारे में बताया और बताया कि यह चौथा बैच है जिसमें 150 छात्र-छात्राओं ने मेडिकल प्रोफेशन को चुनने के लिए प्रवश लिया है।
उन्होंने पूर्व बैच के रिजल्ट पर ध्यानाकर्षण करते हुए बताया कि इसी कारण यहां हर साल प्रवेश को प्राथमिकता में लिया जा रहा है। कार्यक्रम में सभी फैकल्टी ने नवआगंतुक छात्र-छात्राओं से परिचय कराया और व्हाइट कोट पहनाकर उज्जवल भविष्य की कामना की।


