जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बातों ही बातों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए ऐसी बात बोल दी कि वसुंधरा विरोधी कई भाजपा नेता भी मन ही मन दंग रह गए होंगे।
दरअसल गहलोत कर प्रस्ताव प्रस्तुत कर रहे थे, तब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि अध्यक्ष महोदय मैं, अपनी भावना व्यक्त कर रहा हुं। इसके बाद गहलोत ने एक शायरी पढ़ी” इसी बीच गहलोत ने विपक्ष के विधायकों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप लोग कुछ तो दाद दो, क्या चुपचाप बैठे हो? क्या चुपचाप बैठे हो? मजा ही नहीं आ रहा, कुछ तो बोलो, कुछ तो कमेंट करो, कभी-कभी तो पता नहीं क्या बात है। जब आज वसुन्धरा जी आईं, तो सब चुप बैठ गए आप लोग। वरना तो यहा हंसी मजाक होती थी, पहले भी होती थी, ऐसी क्या बात है.? आज तो आप सब लोग, बिल्कुल डिसिप्लिन में हो। गहलोत ने चुटकी लेना जारी रखा और बोले कि आपको मान गए, मान गए आपको, लीडर का रूतबा तो आखिर होता ही है। देखो।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत क्या बोले, देखें वीडियो..
सीएम गहलोत की इन बातों पर वसुंधरा राजे भी मुस्कुरा गयीं। सीएम गहलोत की वसुंधरा राजे को लीडर बताने की बात को कई मायनों में देखा जा सकता है, क्यों कि प्रदेश भाजपा में अंदर ही अंदर इन दिनों लीडरशिप को लेकर होड़ मची हुई है।
गहलोत ने बजट भाषण में शायरी पढ़ने की प्रेरणा वसुंधरा राजे से ली
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट भाषण के शुरूआती दौर में एक शायरी पढ़ी : ना पूछो मेरी मंजिल कहां है, अभी तो सफर का इरादा किया है। ना हारूंगा हौसला उम्र भर, यह मैने किसी से नहीं, खुद से वादा किया है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने उनके ठीक सामने बैठीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तरफ देखते हुए कहा कि वसुंधरा जी, आपसे मैंने प्रेरणा लेकर बोलना सीखा है। मैं कभी बोलता नहीं था ऐसी बातें। गहलोत ने कहा कि इनसे (वसुंधरा राजे) प्रेरणा ली, जब से ये बोला करती थीं तब मैने सीखा है। सीएम गहलोत के ये शब्द सुनकर वसुंधरा राजे भी मुस्कुराई और सत्ता पक्ष ने खूब थपथपाई।




