चोरी की कार के चलते तस्करों से मिलीभगत का संदेह..
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जोधपुर के कुड़ी थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार को रूकवाया। कार चालक ने खुद को उदयपुर के लसाड़िया थाने का कांस्टेबल बताकर बचने का प्रयास किया, कांस्टेबल के साथ कार में मौजूद एक युवक मौके से फरार हो गया। संदेह होने पर नाकाबंदी कर रही पुलिस ने कार की जांच की तो इंजन और चेचिस नंबर घिसे हुए मिले, पुलिस पड़ताल में कार चोरी की निकली। इस पर पुलिस ने चोरी की कार के साथ पकड़े गए उदयपुर लसाड़िया थाने के कांस्टेबल परसाराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है और कार संबंधी पड़ताल कर रही है।
उदयपुर एसपी मनोज कुमार ने बताया कि लसाड़िया थाने के कांस्टेबल के चोरी की गाड़ी के साथ पकड़े जाने की सूचना जोधपुर पुलिस से प्राप्त हुई थी। इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।
जोधपुर पुसिल ने बताया कि कांस्टेबल परसाराम विश्नोई जोधपुर के भोजासर थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उदयपुर के लसाड़िया थाने में तैनात है। चोरी की कार में उसके साथ भीकाराम विश्नोई नाम का युवक बैठा था, जो उसके गांव का ही है। उसकी तलाश की जा रही है। यह कार कब और कहां से चोरी हुई, कांस्टेबल चोरी की कार में क्या कर रहा था, इन सभी बिंदुओं पर गहन पड़ताल की जा रही है।
इस चोरी की कार का संबंध तस्करी से तो नहीं..?

कुड़ी थाने के सबइंस्पेक्टर कानाराम ने बताया कि कार पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी निकली है। गाड़ी की तलाशी में 50 हजार रुपए भी मिले हैं। कांस्टेबल को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि अफीम और डोडा तस्करी में चोरी की कारों का इस्तेमाल करने और तस्करी में पुलिस की मिलीभगत के मामले पूर्व में भी उजागर हो चुके हैं। ऐसे में इस मामले में यह पड़ताल होनी भी जरूरी है कि उदयपुर के लसाड़िया थाने का कांस्टेबल परसाराम विश्नोई जोधपुर में इतनी रात को 50 हजार रूपए कैश लेकर किस काम से निकला था। उसके पास चोरी की कार कहां से आई और वह चोरी की कार का किस काम में इस्तेमाल करने वाला था।


