उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान में भी कोरोना के ओमिक्रान वेरियंट के मामले सामने आने के बाद 6 दिसंबर से राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग को आगामी आदेश तक बंद रखने के एक मैसेज से सोमवार को लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रही। मामला गृह विभाग के भी ध्यान में आया तो स्थिति साफ हुई कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मैसेज पूरी तरह से फर्जी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह आदेश एनएल मीणा के हस्ताक्षर से जारी हुआ हैं, जबकि वर्तमान में मीणा के पास गृह विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। गृह विभाग के अधिकारियों ने ये हस्ताक्षर देखते हुए ही पहली ही नजर में साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा आदेश पूरी तरह से फर्जी हैं।
गृह विभाग इस फर्जी मैसेज को गंभीरता से ले रहा हैं और इस बात की पड़ताल भी शुरू हो गई कि आखिर लोगों को भ्रमित करने वाला ऐसा फर्जी आदेश बनाने वाला व्यक्ति कौन है?

अफवाह फैलाने पर हो सकती है गिरफ्तारी
कोरोना के ओमिक्रान वेरिएंट को लेकर अफवाह फैलाने या सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना वायरल करने पर पुलिस और प्रशासन पूरी नजर रखे हुए हैं। शुक्रवार को ही जोधपुर में एक अस्पताल के ऑफिस बॉय को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। उसने स्टेटेस लगाकर यह भ्रम फैलाया था कि ओमिक्रान के जोधपुर में दस्तक दे दी हैं।
यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में भय पैदा होने लगा। पुलिस ने तत्काल उसकी मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। उदयपुर में भी प्रशासन और पुलिस सोशल मीडिया पर ओमिक्रान वेरिएंट को लेकर ऐसी भ्रामकसूचना फैलाने वालों पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे
लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा रहा हैं जिसमें सजा के कड़े प्रावधान हैं।


