लखनऊ, (एआर लाइव न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को उत्तरप्रदेश में सिद्धार्थ नगर
के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल क़ॉलेज सहित प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। ये नौ मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थ नगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जिलों में हैं।
इस अवसर पर मोदी ने कहा कि नौ नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से करीब ढाई
हजार नये बिस्तर तैयार हुए हैं, पांच हजार से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिक्स के लिये रोजगार के नये अवसर बने हैं। साथ ही हर वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिये मेडिकल की पढ़ाई का नया रास्ता खुला है।
सिद्धार्थ नगर ने स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी जी के रूप में एक ऐसा समर्पित जनप्रतिनिधि
देश को दिया, जिनका अथाह परिश्रम आज राष्ट्र के काम आ रहा है। सिद्धार्थ नगर के नये मेडिकल कॉलेज का नाम माधव बाबू के नाम पर रखना उनके सेवाभाव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले हमारे देश में मेडिकल सीटें 90 हजार से कम थीं। बीते सात वर्षों में देश में मेडिकल की 60 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि यहां उत्तरप्रदेश में भी 2017 तक मेडिकल की सीटें 90 हजार से भी कम थीं, जबकि डबल इंजन की सरकार में पिछले चार साल में ही 1900 सीटों से ज्यादा मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी की गई है।
इतिहास में कभी एक साथ इतने मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण नहीं हुआ
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सांसद थे, तब उन्होंने संसद में उत्तरप्रदेश की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था की व्यथा सुनाई थी। आज उस प्रदेश में मेडिकल सुविधा के नाम यह बड़ा काम हो रहा हैं। उत्तरप्रदेश के इतिहास में कभी एक साथ इतने मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण नहीं हुआ। पहले ऐसा नहीं होता था और अब ऐसा क्यों हो रहा है। इसका एक ही कारण है, राजनीतिक इच्छा शक्ति और राजनीतिक प्राथमिकता।
सात साल पहले जो सरकार दिल्ली में थी और चार साल पहले जो यहां उत्तरप्रदेश की सरकार थी वह सिर्फ वोट के लिये काम करती थी, तब कहीं डिस्पेंसरी की कहीं छोटे-मोटे अस्पताल की घोषणा करके बैठ जाती थी। सालो-साल तक या तो इमारत नहीं बनती थी और अगर बनती भी थी तो मशीनें नहीं होती थीं। दोनों हो गईं तो डॉक्टर और दूसरा स्टाफ नहीं होता था।


