देहरादून,(ARLive news)। उत्तराखंड में हुई भारी बारिश और बादल फटने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से 25 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। भारी बारिश से कई मकान जमींजोद हो गए। रेलवे लाइन बह गई है, सड़कें भूस्खलन से ब्लॉक हैं। हालात इतने ज्यादा खराब हो गए हैं कि भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित जिलों का संपर्क राज्य से कट गया है। मलबे में दबे होने से आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। रेस्क्यू के लिए सेना की मदद ली जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और नुकसान के आंकलन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे घबराएं नहीं, उनकी सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। सेना के हेलिकॉप्टर मदद के लिए पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि मौसम साफ होने के बाद ही यात्रा को दोबारा शुरू करें।
रेस्क्यू कार्य के लिए ली जा रही सेना की मदद
स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट के सचिव ने बताया कि पिछले 24 घंटे में राज्य में 200 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है। सोमवार और मंगलवार को बारिश के चलते पौड़ी, चंपावत, ल्मोड़ा, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में 25 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू कार्य जारी है।
भूस्खलन से सभी सड़कें ब्लॉक हो गयी हैं और नैनीताल जिले में काठगोदाम रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बह गई। रेस्क्यू के लिए सेना से मदद ली जा रही है। सेना के हेलिकॉप्टर फंसे हुए लोगों को निकालने और उन तक राहत पहुंचाने में लगे हुए हैं।



