13 फीट हुआ फतहसागर
उदयपुर(ARLive news)। मानसून विदा होने से चंद घण्टे पहले हमारा फतेहसागर लबालब हो गया हैं। बुधवार सुबह इसके चारों गेट खोलने की तैयारी कर ली गई है। मदार बड़ा और मदार छोटा तालाब से आवक बनी रहने से फतेहसागर का गेज मंगलवार दोपहर 13 फीट की सीमा को छू गया। इस दिन का उदयपुर वासियों को बेसब्री से इंतजार था।
जल संसाधन विभाग बुधवार सुबह फतेहसागर के गेट खोल सकता हैं। इसको तैयारी कर ली गई हैं। इसी तैयारी के रूप में यूआईटी ने मौके पर बहुरंगीय रोशनी की व्यवस्था की है ताकि लोगो को रात में झरने का नजारा और ज्यादा खबसूरत नजर आ सके। इधर सीसारमा नदी से आवक बनो रहने से स्वरूपसागर पर चादर तेज हो गई हैं।
1973 से अब तक के इतिहास में यह तीसरा मौका होगा, जिसमें अक्टूबर में फतहसागर का झरना शुरू होगा। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1985 में 14 अक्टूबर, 2013 में 14 अक्टूबर तड़के 3 बजे फतहसागर ओवरफ्लो हुआ था। इनके अलावा अधिकांश वर्ष इसका झरना अगस्त या सितंबर में चला था।
फतेहसागर छलकता नहीं, अब गेट खोले जाते हैं

यहां खासबात यह भी है कि अब फतेहसागर छलकता नहीं है, बल्कि इसके ओवरफ्लो सेक्शन में लगे गेट खोले जाते हैं। दरअसल 2013 तक फतहसागर का गेज 13 फीट होते ही यह छलकने लगता था। लेकिन 2014 में जल संसाधन विभाग ने झील में अतिरिक्त पानी स्टोरेज के लिए लोहे के गेट की उंचाई एक-एक फीट बढ़ा दी।
लेकिन तब गेज सवा 13 फीट होने के बाद फतेहसागर के बीच बने नेहरू गार्डन में पानी भरने की समस्या शुरू हो गयी, इससे गार्डन को काफी नुकसान हुआ। इसके बाद तय किया गया कि 13 फीट होने के बाद इसके गेट खोल दिए जाएंगे। तब से जल संसाधन विभाग फतेहसागर का 13 फीट गेज होते ही गेट खोल देता है।
मेवाड़ में इस वर्ष 18 जून को मानसून ने प्रवेश किया था। लेकिन पूरे मानसून में लगातार खंड बारिश होने और कैचमेंट में बारिश नहीं होने से लोग पिछोला, फतहसागर के भरने की उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन मानसून के अंतिम दौर में कैचमेंट एरिया में रूक-रूक कर अच्छी बारिश होने से पिछोला, फतहसागर में आवक शुरू हुई, स्वरूप सागर छलका और अब आखिरकार फतहसागर की बारी भी आ गयी।



