जयपुर,(ARLive news)। 26 सितम्बर को दो पारियों में होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) 2021 में नकल रोकने के लिए गहलोत सरकार सख्त हो गई है। नकल गिरोह में किसी भी सरकारी कर्मचारी की लिप्तता पायी जाती है तो उसे नौकरी से सीधे बर्खास्त किया जाएगा और इसी प्रकार अगर कोई स्कूल नकल गिरोह में लिप्त पाया गया तो उसकी मान्यता हमेशा के लिए समाप्त कर दी जाएगी।
इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को उच्च स्तरीय बैठक में हुई उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लेकर निर्देश दिए हैं। पेपर लीक, डमी केन्डीडेट बैठाने और नकल कराने में किसी भी सरकारी अधिकारी-कमर्चारी की संलिप्तता पाए जाने पर उसे सेवा से बखार्स्त किया जाएगा। साथ ही, किसी निजी स्कूल के कार्मिक अथवा स्कूल से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता पाई गई तो संबंधित स्कूल की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी।

नकल रोकने पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट कर रही निगरानी
गहलोत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल गिरोह द्वारा नकल कराने जैसे प्रकरण सामने आने के बाद अभ्यथिर्यों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में इन नकल गिरोहों के खिलाफ सख्त कारर्वाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि नकल रोकने के लिए इंटेलिजेंस इनपुट एवं टेक्नीकल सविर्लांस के आधार पर एसओजी एवं अन्य एजेंसियां सतर्कता के साथ कार्य कर रही हैं। शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने सुझाव दिया कि पेपर लीक एवं नकल को रोकने के लिए परीक्षा केन्द्र के अन्दर किसी के भी मोबाइल ले जाने पर पाबन्दी लगाई जाए। पेपर लीक एवं नकल में शामिल गिरोह एवं कोचिंग सेन्टर पर विशेष निगरानी रखी जाए।
प्रदेश में 3993 परीक्षा केन्द्र
एसीएस (स्कूल शिक्षा) पीके गोयल ने बताया कि प्रदेश में 3993 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए 16 लाख 22 हजार 19 अभ्यथिर्यों ने आवेदन किया है। रेलवे ने अभ्यथिर्यों के लिए 11 विशेष ट्रेन चलाने की सहमति दी है। कुछ और विशेष ट्रेन के लिए रेलवे से अनुरोध किया गया है।


