काबुल,(ARLive news)। अफगानिस्तान में तालिबान की बढ़ती हिस्सा ने पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ा दी है। इसी के चलते अफगानिस्तान के चौथे सबसे बड़े शहर मजार-ए-शरीफ के ज्यादातर हिस्सों पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत सरकार ने अपने नागरिकों से शहर छोड़ने को कहा है। इधर चीन-रूस का संयुक्त युद्धाभ्यास भी शुरू हो गया है।
लोगों को वापस बुलाने स्पेशल फ्लाइट
मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय दूतावास ने मजार-ए-शरीफ से दिल्ली के लिए जाने वाली एक स्पेशल फ्लाइट की सूचना जारी की और कहा कि मजार-ए-शरीफ में मौजूद भारतीय नागरिक इस फ्लाइट में सवार हो भारत लौट सकते हैं। बस उन्हें वाट्सएप पर पासपोर्ट की डिटेल भेजनी होगी।
इधर अफगान में हो रही हिंसा और अस्थिरता ने चीन की चिंता भी बढ़ाई हुई है। इसको लेकर चीनी और रूसी सैन्य बलों ने उत्तर पश्चिमी चीन में संयुक्त अभ्यास शुरू कर दिया है। निंग्जिया हुई स्वायत्त क्षेत्र में इस अभ्यास में थल सेना और वायु सेना के सैनिक शामिल हैं और अभ्यास शुक्रवार तक जारी रहेगा। यह क्षेत्र शिनजियांग से लगा हुआ है। जहां चीन ने 10 लाख से अधिक उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को हिरासत में लिया है। शिनजियांग अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा करता है और चीन अपनी सीमा पर उस स्थिति में हिंसा फैलने के बारे में चिंतित है।


