उदयपुर,(ARLive news)। जिले के मावली क्षेत्र के देवाली गांव में एक 16 वर्षीय किशोर की कोरोना से मौत हो गयी। इतनी कम उम्र के बच्चे की मौत का उदयपुर में यह पहला मामला है। किशोर की मौत की खबर आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार मावली के देवाली निवासी 16 वर्षीय किशोर को निमोनिया होने पर 22 जुलाई को कोरोना टेस्ट करवाया था। टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पहले तो घर पर ही उपचार चला, लेकिन जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और बच्चे को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी तो परिजनों ने उसे एमबी अस्पताल में भर्ती करवाया। 25 जुलाई की रात को किशोर ने आईसीयू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तीसरी लहर में सतर्क होने का यह कैसा दावा
तीसरी लहर के लिए सतर्क होने का दावा कर रहे चिकित्सा विभाग ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना करने के बजाए आनन-फानन में बच्चे के शव को पैक कर परिजनों को सुपुर्द किया और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार करवा दिया। मामले को दबाने का प्रयास कर रहे विभाग ने पहले तो बच्चे की मौत की जानकारी छुपाने का प्रयास किया और बाद में यह कहा कि बच्चा कोरोना से पहले स्क्रब टायफस से भी पीड़ित था, इसलिए कोरोना होने के बाद स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ गया और वह सर्वाइव नहीं कर सका।
केन्द्र और राज्य सरकार कोरोना की तीसरी लहर को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है और लगातार मॉनीटरिंग कर जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हुए हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर बैठकें करते तो दिखायी दे रहे हैं, लेकिन इस बच्चे की मौत ने विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


