जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान के सभी जिले कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य में आधे से ज्यादा कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बंद पड़े हैं और कमी इतनी ज्यादा है कि जिलों में आए दिन वैक्सीनेशन कार्यक्रम रोकना पड़ रहा है। वैक्सीनेशन की किल्लत को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री गहलोत ने मांग की है कि प्राइवेट हॉस्पिटलों का वैक्सीन का कोटा राज्य सरकार को देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि कोविड वैक्सीन का 25 प्रतिशत कोटा प्राइवेट हॉस्पिटलों को दिया हुआ है। लेकिन प्राइवेट हॉस्पिटल 2 प्रतिशत से ज्यादा वैक्सीन नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में प्राइवेट हॉस्पिटलों का कोटा राज्य सरकार को दे दिया जाए।
हर दिन 3 लाख लोग वैक्सीन लगवाने आ रहे है, लेकिन केन्द्र सरकार से सिर्फ पौने दो लाख ही मिल रही हैं
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि राजस्थान में 18 साल व उससे ज्यादा एजग्रुप के 42 प्रतिशत से भी अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है। जब से 18 से 44 साल के एजग्रुप के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ है हर रोज औसतन 3 लाख लोग वैक्सीन लगवाने आ रहे हैए लेकिन हमें औसत 1.75 लाख प्रतिदिन वैक्सीन ही सप्लाई की जा रही हैए जबकि प्रदेश में प्रतिदिन 15 लाख वैक्सीन लगाने की क्षमता हमने बना रखी है। उन्होंने लिखा कि अगर केन्द्र सरकार हमें वैक्सीन उपलब्ध करवा दे तो पूरे राज्य की जनता को दिसम्बर से पहले ही वैक्सीन लगायी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि राज्य में 65 लाख ऐसे लाभार्थी हैए जिनके वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी है। जुलाई में राज्य सरकार के पास 49 लाख डोज का आवंटन हुआ हैए जो बहुत कम है। इस डोज से सैकड डोज वालों को भी पूरी तरह वैक्सीनेट नहीं किया जा सकेगा। अतरू मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से राज्य को आवंटित कोटे को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन देने की मांग की है।


