वीसीआर नहीं भरने की एवज में मांगी थी
अजमेर,(ARLive news)। अजमेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अजमेर डिस्कॉम के तकनीकी सहायक महेन्द्र सिंह रावत को 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह राशि मोबाइल से बिजली दुरुपयोग की फोटो लेकर वीसीआर नहीं भरने की एवज में मांगी थी। एसीबी मामले की जांच कर रही है।
एसीबी एडिएसपी सतनाम सिंह ने बताया कि परिवादी देदुला निवासी अलादीन चीता ने तकनीकी सहायत महेन्द्र सिंह राव के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि एवीवीएनएल नसीराबाद के राजौसी में कार्यरत तकनीकी सहायक महेन्द्र सिंह रावत ने देवला की डांग स्थित निर्माणाधीन दुकानों पर फर्श घिसाई की मशीन व कुएं पर लगे बिजली कनेक्शन से ली जा रही लाइन की अपने मोबाइल पर फोटो ले ली। इसके बाद इस फोटो को डिलीट करने व वीसीआर नही भरने की एवज में 12000 रुपए रिश्वत की मांग की।
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई और आरोपी तकनीकी सहायक महेन्द्र 11000 रिश्वत पर तैयार हुआ। इस पर आज एसीबी टीम ने ट्रैप कार्यवाही की। आरोपी तकनीकी सहायक महेन्द्र सिंह ने जैसे ही परिवादी से रिश्वत राशि के 11000 रूपए लिए, एसीबी टीम ने उसे धरदबोचा। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक मीरा बेनीवाल, युवराज सिंह, कैलाश चारण, श्योपाल, शिव सिंह, त्रिलोक सिंह, सुरेश चालक शामिल थे।


