जोधपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर टीम ने गुरुवार को ब्यावर नगर परिषद सभापति के कथित निजी सचिव और एक दलाल को 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं रिश्वत की मांग करने वाला एक पार्षद फरार है। आरोपियों ने यह राशि अवैध निर्माण के मामले में जारी किये गए नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने और मामला रफादफा करने के एवज में मांगी थी। हालां कि ब्यावर सभापति नरेश कनौजिया ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि भरत मंगल उनका निजी सचिव नहीं है, वह सिर्फ एक पार्टी कार्यकर्ता है।
एसीबी के एसीपी भोपालसिंह लखावत के अनुसार ब्यावर निवासी परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार ब्यावर में शाहपुरा मौहल्ला में उसने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बने हाॅल में करीब 1 साल पहले मिठाई की दुकान बनवाई थी। इस पर नगरपरिषद ने बिना अनुमति हुए दुकान निर्माण को अवैध बताते हुए 22 अप्रैल को नोटिस जारी किया था। नोटिस में 3 दिनों में भू स्वामित्व के कागजात पेश करने अन्यथा दुकान निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था।
नोटिस के 22 दिन बाद सभापति के निजी सचिव के नाम से आया फोन
परिवादी ने बताया कि नगरपरिषद का नोटिस मिलने के क़रीब 22 दिनों बाद भरत मंगल नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को ब्यावर सभापति का निजी सचिव बताया। उसने फोन पर कहा दुकान के नोटिस के मामले में निपटारा करवाना हो तो ब्यावर नगरपरिषद के तीन पार्षद अनिल चौधरी, कुलदीप बोहरा और सुरेन्द्र सोनी को 3 लाख रुपये देने होंगे। इस पर परिवादी ने कथित निजी सचिव भरत मंगल से तीनों पार्षदों के साथ मीटिंग करवाने को कहा।
शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी टीम ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की। पार्षद कुलदीप बोहरा और कथित निजी सचिव भरत मंगल परिवादी की दुकान पर पहुंचे और दस मिनिट बाद उनके द्वारा भेजे जाने वाले दो युवको योगेश और सुनील को 2.50 लाख रुपए देने की बात कहकर चले गए। थोड़ी ही देर बाद जैसे ही सुनील लखारा दुकान पर पहुंचा और दुकानदार से उसने ढाई लाख रूपए लिए, एसीबी टीम ने दबिश देकर उसे धरदबोचा। इसके बाद पकड़े गए युवक से कथित निजी सचिव भरत मंगल की बात करवाकर उसकी लोकेशन पता की और दबिश देकर उसे गिगरफ्तार किया। हालां कि इस दौरान पार्षद कुलदीप बोहरा को एसीबी कार्यवाही की भनक लग गयी तो वह फरार हो गया।


