नई दिल्ली,(ARLive news)। कोरोना की दूसरी लहर देश में थमनी शुरू हो गई है। हालांकि संकट अभी टला नहीं है क्योंकि देश में अभी कोरोना तीसरी लहर आना बाकी है। वहीं कयास लगाए जा रहे हैं की कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। तीसरी लहर को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का बयान आया है।
एम्स के डायरेक्टर ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर असर डालेगी इसको लेकर अभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि दुनियाभर में किसी सर्वे से ऐसी बात नहीं निकली है कि सिर्फ बच्चे ही तीसरी लहर में प्रभावित होगें।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना का सिर्फ बच्चों पर असर होने की बात कहना गलत है। क्योंकि सालभर से देखने को मिल रहा है कि संक्रमण हर आयु वर्ग में है, लेकिन जानलेवा 45 साल से अधिक उम्र वालों पर है या फिर जिनको गंभीर बीमारी है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में भी कई बच्चे प्रभावित हुए हैं। उनमें बुखार और खांसी जैसे लक्षण देखने को मिले लेकिन वे इस वायरस से उबरे भी है। ऐसा नहीं लगता कि भविष्य में बच्चों में किसी गंभीर संक्रमण का खतरा देखने को मिलेगा।
बता दें कि देश में लगाता दो दिन से कोरोना के केस अब एक लाख से कम आ रहे हैं, हालांकि इस महामारी से मरने वालों का आंकड़ा कम होता नजर नहीं आ रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में 2219 मरीजों की मौत हुई है।


