जयपुर,(ARLive news)। प्रदेश में म्यूकोमायकोसिस ब्लैक फंगस के मरीजों को कोरोना के ही अनुरूप निशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। इस बीमारी को भी चिरंजीवी योजना में शामिल कर लिया गया है। यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी की प्रारम्भिक अवस्था में ही पता चलने से उपचार सम्भव है एवं र्मोटालिटी को रोकने के साथ ही आंख निकालना जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
डाॅ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक लगभग 700 मरीज चिन्हित किये जा चूके है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल द्वारा ब्लैक फंगस के उपचार का प्रोटोकाॅल भी निर्धारित कर दिया गया है। सरकार की नई गाइड लाइन के मुताबिक निजी अस्पताल संचालक ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज से आईसीयू विद वेंटिलेटर बेड के 9900 रुपए से ज्यादा चार्ज नहीं ले सकेंगे।
पैरामीटर्स पूरा करने वाले अन्य अस्पताल भी सूचिबद्ध हो सकेंगे
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि ब्लैक फंगस के उपचार में ईएनटी व नेत्र रोग सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अभी 20 राजकीय व निजी अस्पतालों को उपचार के लिए सूचिबद्ध किया गया है। निर्धारित पैरामीटर्स पूरा करने वाले अस्पताल आगे भी सूचिबद्ध हो सकेंगे।
एसएमएस अस्पताल जयपुर, जयपुरिया अस्पताल जयपुर, मेडिकल कॉलेज जोधपुर, एम्स जोधपुर, जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर, राजकीय मेडिकल कॉलेज बीकानेर, राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा, राजकीय मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जयपुर, गीतांजली मेडिकल कॉलेज उदयपुर, जैन ईएनटी अस्पताल जयपुर, नारायणा ह्रदयालय अस्पताल जयपुर, सीएसके अस्पताल जयपुर, सोनी अस्पताल जयपुर, सिद्धम ईएनटी अस्पताल जयपुर, देशबंधु ईएनटी अस्पताल जयपुर, विजय ईएनटी अजमेर, श्रीराम अस्पताल जोधपुर और वैजयन्ती हॉस्पिटल अलवर।
राज्य सरकार ने दवा आवंटन बढ़ाने केन्द्र से किया निवेदन
डाॅ. शर्मा ने बताया कि कोरोना की दवाओं की तरह केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस की दवा को भी नियंत्रण में ले रखा है। भारत सरकार से प्रारंभ में केवल 700 वायल ही प्राप्त हुई थी। अब लगभग 2000 वायल्स आवंटित हो चुकी है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर राज्य सरकार ने दवा आवंटन बढ़ाने का केन्द्र से निवेदन किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ब्लैक फंगस के उपचार में काम आने वाली दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरेसिन बी के 2500 वाइल खरीदने के सीरम कंपनी को क्रय-आदेश दे दिए हैं। देश की 8 बड़ी फार्मा कंपनियों से संपर्क करने के साथ ही इस दवा की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर भी किया गया है।


