जयपुर,(ARLive news)। एंटी करप्शन डे पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने राज्य में दो बड़ी कार्यवाही कर अपने ही एसीबी के डीएसपी भैरूलाल मीणा को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। डीएसपी भैरुंलाल मीणा सवाईमाधोपुर में एसीबी के चौकी प्रभारी है।वहीं दूसरी बड़ी कार्यवाही में बांरा जिले के कलेक्टर के पीए को महावीर नागर को 1 लाख 40 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी सत्यापन में कलेक्टर इन्द्र सिंह की रिश्वत मांगने में मौन स्वीकृति पाए जाने पर उन्हें राज्य सरकार ने एपीओ कर दिया है। एसीबी कलेक्टर से पूछताछ कर रही है।
ऐसा एसीबी में पहली बार हुआ है जब राजस्थान एसीबी ने अपने ही विभाग के अधिकारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते धरदबोचा हो। यह कार्रवाई जयपुर एसीबी की टीम ने बुधवार को सवाईमाधोपुर में की। एसीबी ने सवाईमाधोपुर के जिला परिवहन अधिकारी महेशचंद को भी मासिक बंधी के रुप में रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि डीएसपी भैरुलाल मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। मीणा सवाईमाधोपुर जिले में एसीबी चौकी प्रभारी है। करीब दो साल बाद इनकी रिटायरमेंट होने वाली थी।
परिवहन विभाग के अधिकारी से मांग रहे थे 80 हजार की रिश्वत
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से शिकायतें मिल रही थी कि भैरुलाल मीणा सवाईमाधोपुर में कई विभागों के बड़े अफसरों से सेटिंग कर रखी थी। वह अफसरों को ट्रैप की कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन देकर मासिक बंधी के तौर पर उनसे रिश्वत वसूल करता है। यह रकम वह अपने ऑफिस में ही लेता था। तब पिछले दो तीन महीनों से एसीबी ने अपने ही अफसर भैरुलाल मीणा पर निगरानी रखनी शुरू की।
सवाईमाधोपुर का जिला परिवहन अधिकारी महेशचंद बुधवार को भैरुलाल मीणा को मासिक बंधी के 80 हजार रुपए की रिश्वत देने उनके ऑफिस में पहुंचा। तभी एसीबी टीम ने रिश्वत लेने और देने के जुर्म में भैरुलाल और डीटीओ महेशचंद को गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम बरामद कर ली। उनके घरों की सर्च कार्रवाई की जा रही है।
सत्यापन में कलेक्टर की भूमिका मिली, कलेक्टर से पूछताछ जारी
जयपुर,(ARLive news)। एसीबी ने आज दूसरी बड़ी कार्यवाही की जिसमें बांरा जिले के कलेक्टर के पीए को महावीर नागर को 1 लाख 40 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में एसीबी बांरा कलेक्टर इंद्र सिंह से भी पूछताछ की जा रही है। पीए महावीर नागर यह रिश्वत राशि परिवादी के पेट्रोल पम्प की एनओजी जारी करने की एवज में ले रहा था।
एसीबी एडिएसपी चन्द्रशील सिंह ठाकुर ने बताया कि परिवादी गोविंद सिंह की शिकायत प्राप्त हुई थी कि उसका एक पेट्रोल पम्प है, जिसकी लीज कैंसल कर दी थी और लीज के रिन्यूअल के लिए इन्होंने एप्लीकेशन लगायी थी। रिन्यूअल जिला कलेक्टर को करना था। जिसके एवज में कलेक्टर पीए के मार्फत 2 लाख 40 हजार रूपए रिश्वत की डिमांड कर रहे थे। शिकायत पर सत्यापन किया गया तो पीए महावीर नागर के रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
इस पर आज ट्रेप किया गया और पीए महावीर नागर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। एसीबी सत्यापन में कलेक्टर की मौन स्वीकृति की पुष्टि भी हुई थी, ऐसे में प्रथमदृष्ट्या मामले में कलेक्टर की भूमिका पायी जा रही है। हालां कि इस संबंध में उनसे पूछताछ जारी है।


