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कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल पंचतत्व में विलीन : चुरू के सुजानगढ़ में हुआ अंतिम संस्कार

arln-admin by arln-admin
November 17, 2020
Reading Time: 1 min read
cabinet minister master bhanwarlal meghwal funeral


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जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल पंचतत्व में विलीन हो गए। बेटे मनोज ने उन्हें मुखाग्नि दी। गृहनगर चूरू के सुजानगढ़ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर रखी गई। जहां गहलोत सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, रघु शर्मा, गोविंद सिंह डोटासरा समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने पहुंच अंतिम नमन किया। इसके अलावा भाजपा उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, युनुस खान समेत विपक्ष के कई नेता भी मास्टर भंवरलाल के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

मास्टर भंवरलाल के निवास से श्मशान तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में उनके समर्थक शामिल हुए। शहर की गली-चौराहों जहां से पार्थिव देह निकली लोगों ने पुष्प वर्षा की। मंत्री के निधन पर सुजानगढ़ बंद रहा। प्रदेश में एक दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया गया है।

13 मई की रात तबियत खराब होने से अस्पताल में हुए थे भर्ती

72 साल के मेघवाल का सोमवार को गुड़गांव के मेदांता में निधन हो गया था। उनकी कई महीनों से तबीयत खराब थी। जयपुर में 13 मई की रात को मास्टर भंवरलाल मेघवाल अपने आवास पर थे। इस दौरान वे चक्कर खाकर गिर पड़े। उनकी बेटी व अन्य परिजन उन्हें साकेत अस्पताल ले गए। वहां चेकअप के बाद भंवरलाल को एसएमएस अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। तब बताया गया था कि ब्रेन हेमरेज होने से शरीर के दाहिने हिस्से में पैरालिसिस अटैक हुआ था। कुछ दिनों बाद एयर एंबुलेंस से मेघवाल को मेदांता अस्पताल भेजा गया था।

सरकारी मास्टर की नौकरी छोड़कर पहला चुनाव लड़ा

भंवरलाल मेघवाल पहले सरकारी टीचर हुआ करते थे। सुजानगढ़ के राजकीय स्कूल में पीटीआई थे। काफी सालों तक टीचर रहे। इसीलिए इनकी पहचान मास्टर भंवरलाल के नाम से थी। वर्ष 1977 में शिक्षक की नौकरी से इस्तीफा देकर भंवरलाल मेघवाल ने इसी साल विधानसभा चुनाव लड़ा था और यहीं से राजनीति जीवन की शुरूआत की थी।

Tags: #CabinetMinisterMasterBhanwarlalMeghwal

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