जयपुर (ARLive news)। राजस्थान में लॉकडाउन के बाद सोमवार से प्रदेश के धार्मिक स्थलों के पट खुल गए हैं। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही मंदिरों में भक्तों को प्रवेश मिल सकेगा।
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार मंदिरों में हैंड सैनिटाइजर करके और थर्मल स्कैनिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया जायेगा। साथ ही, दर्शन के वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं मंदिरों में घंटियों को छूने पर मनाही है। भक्तों को भगवान को छूने पर भी पाबन्दी लगाई गई है। दरगाह में भी फूल और चादर चढ़ाये नहीं जाएंगे।
उदयपुर में जगदीश मंदिर, एकलिंगजी मंदिर सहित अन्य मंदिर के पट सुबह आरती के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। मंदिरों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों की कड़ाई से पालना भी करवायी जा रही है। हालां कि उदयपुर के महाकालेश्वर मंदिर और ऋषभदेव मंदिर में भक्त अभी दर्शन नहीं कर सकेंगे। दिशा-निर्देशों की पालना को लेकर ये दोनों मंदिर 1 अक्टूबर से खुलेंगे।

पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भी आज सुबह 5.30 बजे मंगला आरती के साथ फिर से आमजन के लिए खोल दिया गया। जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के नजदीक स्थित तनोट माता मंदिर में भी गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था की गई। अजमेर दरगाह में सोमवार से चारों गेट खोल दिए गए। दरगाह को खोलने से पहले पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। दरगाह परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जा रही है। दरगाह में वजू पर भी फिलहाल रोक रहेगी।
मंदिर खोलने सम्बंधित विस्तृत रूप रेखा तैयार हो : गोविंद जी मंदिर के महंत
जहाँ एक ओर कई मंदिरों के पट खुल गए हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़े मंदिरों के प्रशासन ने अभी भी मंदिरों को बंद रखने का फैसला किया है। इनमें जयपुर के अराध्य गोविंद देवजी मंदिर, जयपुर के मोती डूंगरी, झारखंड़ महादेव मंदिर, जयपुर में जीर्णमाता मंदिर ,खाटूश्याम जी मंदिर, सालासर मंदिर, उदयपुर में ऋषभ देव मंदिर एवं महाकालेश्वर मंदिर सहित अन्य जिलों के कई मंदिर शामिल हैं।
गोविंद जी मंदिर के महंत ने बताया कि जब तक मंदिर खोलने सम्बंधित विस्तृत रूप रेखा तैयार नहीं होती तब तक मंदिर प्रशासन के लिए भक्तों को दर्शन करवाना संभव नहीं है। सरकार की तरफ से जो गाइडलाइन जारी की गई है उसमें यह भी नहीं लिखा कि मंदिर या किसी धार्मिक स्थल पर सेवा करने वाला कोई संक्रमित होता है तो क्वारैंटाइन का नियम किस तरह से लागू होगा।


