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लापरवाही : संक्रमित परिवार की एक सदस्य चाईना से लौटी, दूसरा इंदौर से, फिर भी परिवार क्वरेंटाइन नहीं था

Udaipur Corona positive family member travel history of china or indoreUdaipur Corona positive family member travel history of china or indore

उदयपुर,(ARLive news)। मल्लातलाई के रजा कॉलोनी में 15 वर्षीय किशोर और अगले दिन उसकी ताई, ताउ और बहन संक्रमित के कोरोना पॉजिटिव आने बाद प्रशासन के सामने यह सवाल आकर खड़ा हो गया है कि यह संक्रमण किससे किसको लगा है। यहां बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है, इस परिवार में एक सदस्य की ट्रेवल हिस्ट्री चाईना की थी। परिवार की बेटी उम्र 18 साल फरवरी में चाईना से लौटी है।

वहीं बेटा 10 दिन पहले इंदौर से लौटा था। ये दोनों ही ऐसे स्थान हैं, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा थी। इसके बावजूद पूरे परिवार को क्वेरंटाइन नहीं किया गया और परिवार की महिला सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र एमबी हॉस्पिटल के स्वाईन फ्लू वार्ड में काम करती रहीं और चाचा होमगार्ड की नौकरी करते रहे। जब प्रशासन हर तरह से लोगों को जागरूक कर रहा था तो परिवार को खुद भी ध्यान रखना चाहिए था। अहम स्थानों पर काम करने वाले लोगों के घरों में ऐसी ट्रेवल हिस्ट्री है, तो वे खुद क्वेरंटाइन रहें और विभाग को भी सूचित करें।

क्या संक्रमण स्त्रोत नर्स हैं..? इनके संपर्क में आए लोगों पर प्रशासन का ध्यान

हालां कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह संक्रमण किससे के जरिए परिवार के सदस्यों में फैला है। परिवार में कुल 14 सदस्य है। इनमें से 4 सदस्यों में इंदौर से लौटा किशोर, इसकी नर्स ताई, ताउ और बहन संक्रमण की पुष्टि हुई है। परिवार के 7 सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है, हालां कि परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है।

परिवार की सदस्य चाईना से लौटी युवती और किशोर के साथ आने वाले उसके दोनों मित्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संक्रमण फैलने का स्त्रोत नर्स ताई है..? क्यों कि यह संक्रमण अगर  किशोर को इंदौर से लगता तो उसके साथ वहां रहने वाले और साथ आने वाले दोनों मित्रों में इसका असर सबसे पहले हो सकता था, लेकिन उनकी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आयी है। ऐसे में प्रशासन का पूरा ध्यान अब नर्स के संपर्क में आए लोगों पर जा रहा है। किशोर के संपर्क में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले 46 लोगों की सूची प्रशासन ने बनाई थी। अब उसकी ताई, ताउ और बहन के पॉजिटिव आने के बाद यह सूचि बढ़ जाएगी।

भीलवाड़ा जैसे हालात उदयपुर में…? एमबी के डॉक्टर और स्टाफ दहशत में

साथी नर्स के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अब एमबी हॉस्पिटल के स्वाईन फ्लू और कोरोना वार्ड के डॉक्टर्स और नर्स दहशत में हैं। सभी को डर है कि हीं यह संक्रमण उन तक नहीं पहुंच गया हो। प्रशासन ने स्वाइन फ्लू वार्ड के डॉक्टर स्टाफ को तो क्वेरंटाइन कर दिया है। ध्यान हो भीलवाड़ा में भी एकदम से कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर थे। डॉक्टर मित्तल हॉस्पिटल में रेगुलर काम करते रहे थे और जब कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई, तो इसके बाद वहां के तीन से चार डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ और मरीज भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

किससे यह संक्रमण फैला पता लगाना मुश्किल

पहला स्त्रोत किशोर : इंदौर में पढ़ाई करता है, 21 मार्च को उदयपुर घर लौटा। तब तक स्वस्थ था, लेकिन यह इंदौर में खरजाना नामक क्षेत्र में रहता था, वहां 18 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि इसके दोनों दोस्त जो इंदौर से उदयपुर तक इसके साथ थे, इन दोनों की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आयी है।।

दूसरा स्त्रोत ताई  : ताई स्वाईन फ्लू वार्ड की नर्स है। कल तक स्वाईन फ्लू वार्ड के परिसर में ही फर्स्ट फ्लोर पर कोरोना वार्ड चल रहा था, जहां डूंगरपुर के कोरोना मरीज भर्ती है। स्वाईन फ्लू वार्ड ग्राउंड और कोरोना वार्ड फर्स्ट फ्लोर पर चल रहा था। दोनों का प्रवेश परिसर एक ही था। संभव है ताई को वार्ड से संक्रमण लगा हो और इनसे इनके पति, बेटे और भतीजे में संक्रमण गया हो।

तीसरा स्त्रोत चाईना से लौटी बहन : यह घर की एक सदस्या है। यह चाईना से फरवरी में लौटी है। हालां कि इसको आए हुए 1 महीना हो चुका है, ऐसे में इससे संक्रमण फैलने की संभावना नहीं के बराबर है। इसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव है।

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