नयी दिल्ली,(ARLive news)। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार ने आम जनता का पैसा लेकर एस बैंक में लगा दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 44.51 करोड़ खाता धारक हैं। कल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सेविंग्स अकाउंट का ब्याज 3.25 प्रतिशत से कम कर 3 प्रतिशत कर दिया। फिक्स्ड डिपाज़िट का ब्याज भी 10 से 50 बेसिस प्वाईंट तक कम कर दिया, यानि लगभग 0.25 प्रतिशत से 0.50 प्रतिशत तक कम किया। 2018-19 की SBI की बैलेंसशीट के मुताबिक सेविंग्स अकाउंट में 10,91,751 करोड़ रु. जमा हैं। यदि ब्याज 0.25 प्रतिशत कम होता है, तो खाताधारकों को सालाना ब्याज का नुकसान 2,729 करोड़ रु. है।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और अधीर रंजन ने कहा कि मोदी सरकार 44.51 करोड़ SBI खाताधारकों के 7,000 करोड़ सालाना ब्याज काटकर डूबते ‘YES Bank’ को बचारही है! मोदी सरकार 112 करोड़ प्रीपेड सैलफोन ग्राहकों की जेब से 1,60,000 करोड़ लूट रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्या बैंक खाताधारकों और प्रीपेड मोबाईल ग्राहकों की लूट और डूबते बैंक तथा सेल फोन कंपनियों को छूट ही भाजपा का न्यू इंडिया है? मोदी सरकार द्वारा खाता धारकों के 7000 करोड़ के ब्याज की लूट कर डूबते बैंकों को बचाने व प्रीपेड मोबाईल ग्राहकों से 1,60,000 करोड़ की लूट के ‘नए प्रयोग’ की ‘अद्भुत क्रोनोलाजी’ समझिए।
फिक्स्ड डिपाज़िट की राशि 16,14,058 करोड़ रु. है
इसी प्रकार 2018-19 की SBI की बैलेंस शीट के मुताबिक फिक्स्ड डिपाज़िट की राशि 16,14,058 करोड़ रु. है। यदि 0.25 प्रतिशत ब्याज भी कम होता है, तो फिक्स्ड डिपाज़िट धारकों को ब्याज में सालाना 4,035 करोड़ रु. का नुकसान है। यह राशि ही 6,764 करोड़ रु. (2,729 रु.+ 4,035 रु.) बनती है। SBI की 2019-20 की बैलेंस शीट अभी आना बाकी है। स्वाभाविक है कि खाताधारकों की राशि बढ़ने से सालाना ब्याज के नुकसान की राशि 7000 करोड़ रु. हो जाएगी।
साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक Restructuring Scheme बनाकर, जिसकी आज मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, निर्णय किया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, YES Bank में 7250 करोड़ रुपया लगाएगा। मतलब साफ है, 44.51 करोड़ खाताधारकों के पैसे पर 7000 करोड़ रु. का ब्याज काटो और डूबते हुए YES Bank में लगाओ। इसे कहते हैं, माल जनता का, मशहूरी कंपनी की।


