उदयपुर,(ARLive news)। शहर की पॉश कॉलोनी सरदारपुरा स्थित घर में बीती रात 80 वर्षीय सेवानिवृत शिक्षिका केसर देवी पत्नी डॉ. चन्द्र शेखर पुरोहित की निर्मम हत्या कर दी गयी। आरोपी ने घर में सब्जी छीलने वाले चाकू से चेहरे, आंख पर लगातार वार कर हत्या की और फिर शव घसीटते हुए बेडरूम से किचन और फिर बेसमेंट तक ले गयी।
हत्या का संदेह वृद्धा की बेटी स्वीटी पर जताया जा रहा है, क्यों कि वह रात को मां के साथ सोयी थी और अब लापता है।
एडिएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि घर में रात को तीन लोग खुद केसर देवी (80), इनके पति चन्द्रशेखर (85) और बेटी स्वीटी (47) ही थे। चन्द्रशेखर दूसरे कमरे में सोए हुए थे, वहीं एक बेडरूम में केसरदेवी और उनकी बेटी सोए थे। रात को केसरदेवी की हत्या हुई। 85 वर्षीय वद्धावस्था में सुनायी नहीं देने और ठीक से दिखायी नहीं देने से चन्द्र शेखर को पत्नी की हत्या का आभास भी नहीं हुआ। सुबह उठकर वे बाहर बैठे थे, जब घर में काम करने के लिए नौकरानी आयी तो उसने बेडरूम में खून पड़ा देखा, तो उसने पड़ोसी और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने डॉग स्क्वॉयड और एफएसएल टीम को भी बुलाया और जांच की।बेटी स्वीटी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। घर से किसी प्रकार का कोई सामान या जेवर गायब नहीं हुए हैं। सभी सामान व्यवस्थित रखा हुआ है।
मेंटली डिस्टर्ब होने से बेटी का इलाज चल रहा है
मृतका केसर देवी के भतीजे ने बताया कि ताईजी खुद सेवानिवृत टीचर थी और ताउजी भी सेवानिवृत शिक्षाविद हैं।इनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। एक बेटा हैदराबाद रहता है, दूसरा उदयपुर के नवरतन कॉम्पलैक्स और तीसरा सवीना में रहता है। बेटी तलाकशुदा है और पिछले काफी उसका मेंटली डिस्टर्ब होने से इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि मानसिक विक्षिप्त होने से वह कभी भी कहीं निकल जाती थी। तीन-चार बार पहले भी घर से कहीं चली गयी, फिर तीन-चार दिन बाद मिली। हत्या के बाद से ही वह लापता है। रात को क्या हुआ इस संबंध में बेटी के मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अनहोनी की आशंका से बार-बार जीवन संगिनी को बुला रहे थे चन्द्रशेखर
85 वर्षीय चन्द्रशेखर और उनकी पत्नी 80 वर्षीय केसर देवी ही एक-दूसरे का सहारा थे। रात को चन्द्रशेखर सोए तो पत्नी ठीक थी। सुबह उन्होंने अपनी जीवन संगिनी को आवाज लगायी लेकिन कोई जवाब नहीं आया, तो वे बाहर कमरे में आकर बैठ गए। नौकरानी आने के बाद जब एक-एक कर पड़ोसी और पुलिस आयी तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और वे बार-बार पत्नी को बुलाने की बात कहन लगे।
चाकू के वार से चेहरा खराब होने से पुलिस ने बेटे-भतीजों के कहने पर वद्ध चन्द्रशेखर को पत्नी की हत्या के बारे में नहीं बताया और न ही शव दिखाया था। मृतका का शव जब घर से मोरचरी ले जाने के लिए निकाला गया, तब भी पति चन्द्रशेखर को वहां से रिश्तेदार ले गए।






