उदयपुर,(ARLive news)। दिल्ली में पुलिस के साथ वकीलों के मारपीट करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि आज बुधवार को उदयपुर कोर्ट परिसर में पहले वकील और क्लाइंट के बीच मारपीट हुई, इसी दौरान वकीलों ने वीडियो बना रहे सीआईडी के डीएसबी शाखा के एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। सूचना पर भूपालपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार वकील सुरेन्द्र मेनारिया से क्लाइंट संतोष जोशी और भास्कर सांखला मिलने आए थे। बातचीत के दौरान संतोष और भास्कर सांखला अचानक आक्रोशित हो गए और वकील सुरेन्द्र मेनारिया से मारपीट करने लगे। यह देखकर इकट्ठे हुए वकीलों ने सुरेन्द्र मेनारिया को बचाया और मारपीट करने वाले संतोष व भास्कर की पिटाई कर दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और संतोष व भास्कर को पकड़कर थाने लाने लगी।
कोर्ट परिसर में हो रहे हंगामे और इस पूरे घटनाक्रम का सीआईडी की डीएसबी शाखा के एक पुलिसकर्मी वीडियो बना रहे थे। उन्हें वीडियो बनाते देख वकीलों ने उनके साथ ही मारपीट और धक्का-मुक्की कर दी। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने सीआईडी के पुलिसकर्मी को वहां से निकाला। इसके बाद सभी थाने पहुंचे।
वकील सुरेन्द्र मेनारिया ने उनके साथ हुई मारपीट के आरोप में क्लाइंट संतोष और भास्कर सांखला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवायी है। हालां कि दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच चल रहे विवाद के चलते उदयपुर में भी माहौल खराब न हो जाए यह सोचते हुए डीएसबी के पुलिस कर्मी ने वकीलों के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं दी है। इधर थाना पुलिस ने भी किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट नहीं होने से पुलिसकर्मी के साथ हुई धक्का-मुक्की, मारपीट के मामले रफा-दफा कर दिया है।
सादा वस्त्रों में था पुलिसकर्मी तो पहचान नहीं पाए : वकील
वकीलों ने बताया कि पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की का कोई इंटेंशन नहीं था। घटनाक्रम का वे वीडियो बना रहे थे, वे सादा वस्त्रों में थे, इससे अन्य वकील उन्हें पहचान नहीं पाए। वकीलों ने उन्हें वीडियो बनाने से रोका और इस दौरान धक्का मुक्की हो गयी।
यहां वकीलों से प्रश्न यह भी है कि, मान लिया जाए कि वे पुलिसकर्मी के सादा वस्त्रों में होने से उन्हें पहचान नहीं पाए होंगे, तो क्या वे आम आदमी के साथ मारपीट करेंगे..? अगर कोर्ट परिसर में हो रहे हंगामे या किसी घटनाक्रम का कोई आम आदमी भी वीडियो बना रहा है, तो क्या वकीलों का समूह उसके साथ मारपीट करेगा..?


