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सरकार का बड़ा फैसला, एमटीएनएल और बीएसएनएल का होगा विलय…!

arln-admin by arln-admin
October 24, 2019
Reading Time: 1 min read
BSNL or MTNL


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नई दिल्ली,(ARLive news)। मोदी सरकार ने सरकार की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनल को विलय करने का बड़ा फैसला किया है। कैबिनेट बैठक में आज यानि बुधवार को बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। बता दें कि लंबे समय से घाटे में चल रही इन दोनों सरकारी कंपनियों के लिए यह राहत की खबर है। बीते कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि दोनों सरकारी टेलिकॉम कंपनियों को सरकार बंद करने की योजना बना रही है। हालांकि बाद में सरकार की ओर से इस खबर को सिर्फ अफवाह बताया गया।

कैबिनेट के फैसलों की घोषणा करते हुए दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि अतीत में बीएसएनएल के साथ नाइंसाफी हुई है। हम बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय की योजना पर काम कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक बीएसएनएल के लिए आकर्षक वीआरएस पैकेज लेकर आया जाएगा। इसके साथ ही 4 जी स्पेक्ट्रम के लिए करीब 4000 करोड़ रुपये बजटीय प्रावधान करेंगे। उन्‍होंने बताया कि अगले 4 साल में 38000 करोड़ रुपये को मोनेटाइज किया जाएगा। वहीं 15 हजार करोड़ के बॉन्‍ड भी जारी किए जाएंगे।

बीएसएनएल और एमटीएनएल की बदहाली से परेशान थे कर्मचारी

घाटे में चल रही बीएसएनएल ने 4जी स्पेक्ट्रम आबंटन को लेकर 2015 में सरकार को आवेदन दिया था और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना पैकेज के बारे में मंजूरी मांगी थी जो 2009 से लंबित थी। बीएसएनएल और एमटीएनएल की बदहाली की वजह से कर्मचारियों को लगातार दिक्‍कत हो रही है। उन्‍हें सैलरी मिलने में भी देरी हो रही है। दरअसल, बीएसएनएल को मासिक वेतन के रूप में 850 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता है।

अभी बीएसएनएल के पास करीब 1.80 लाख कर्मचारी हैं। बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में बीएसएनएल का घाटा 7,992 करोड़ रुपये था. इससे पहले 2016-17 में कंपनी का घाटा 4,786 करोड़ रुपये रहा. इस हिसाब से सिर्फ 1 साल में 3,206 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

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