राजस्थान,(ARLive news)। कलराज मिश्र ने सोमवार को राजस्थान के 21वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। मिश्र ने राजभवन में हिन्दी में ईश्वर के नाम पर राज्यपाल पद की शपथ ली। इससे पूर्व सोमवार सुबह मिश्र परिवार के साथ जयपुर के प्रसिदध मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश आशीर्वाद लिया। मिश्र और उनकी पत्नी सत्यवती मिश्रा ने गणेश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान कलराज ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वह आम आदमी की तरह मंदिर पहुंचे।
मिश्र राजभवन अतिथि गृह से मंदिर जाने के लिए तैयार हुए तो उनके लिए अशोक स्तम्भ लगी गाड़ी लगाई । इस पर उन्होंने मना कर दिया और कहा कि हमें लोगों की सुविधा का ध्यान रखना है। इसलिए साधारण गाडी लगाओ। मिश्र ने पुलिस एसकोर्ट के लिए भी मना कर दिया।
राज्यपाल ने कहा सधारण गाड़ी में चलो, ट्रेफिक न रूके
मिश्र आम आदमी की तरह साधारण कार में मंदिर के लिए रवाना हुआ। इस दौरान किसी भी रास्ते में राज्यपाल के लिए ट्रेफिक नहीं रोका गया। दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविन्द्र एस. भट्ट ने नवनियुक्त राज्यपाल मिश्र को शपथ दिलाई। मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की ओर से जारी राज्यपाल की नियुक्ति का वारंट पढ़कर सुनाया। शपथ लेने के बाद राज्यपाल मिश्र को राजभवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा सहित उनके परिजन मौजूद थे।
शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, केन्द्रीय मंत्री, राज्य मंत्रीमण्डल के सदस्य, विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चंद कटारिया, पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री, जन प्रतिनिधि, न्यायाधीश, प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गौरतलब है कि कलराज मिश्र का जन्म 1 जुलाई, 1941 को उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के मलिकपुर सैदपुर ग्राम में हुआ। मिश्र ने वाराणसी में महात्मा गांधी विद्यापीठ से एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की।
किसान एवं सामाजिक कार्यकत्र्ता मिश्र तीन बार राज्य सभा सदस्य रहे। वे उत्तर प्रदेश विधानसभा के भी तीन बार सदस्य रहे। प्रथम मोदी सरकार में वे 27 मई, 2014 से 2 सितम्बर, 2017 तक लघु एवं मध्यम एन्टरप्राइजेज विभाग के केन्द्र में मंत्री रहे।
समाज सेवा में प्रारंभ से ही सक्रिय रहे मिश्र के विधायी जीवन की शुरूआत वर्ष 1978 में राज्यसभा सांसद के रूप में की। वर्ष 1997 में वे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे।


