उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने उदयपुर के लसाड़िया थानेदार दौलत सिंह और कांस्टेबल (ड्राइवर) सलमान अली को 2000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। थानेदार यह राशि परिवादी से रेती का ट्रैक्टर छोड़ने की एवज में ले रहा था।
एडिशनल एसपी सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि लसाड़िया थानेदार दौलत सिंह (50) निवासी टाडगढ़, अजमेर और कांस्टेबल (ड्राइवर) सलमान अली (31) निवासी चित्तोड़गढ़ को रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
परिवादी लसाड़िया निवासी गणेशलाल ने एसीबी कार्यालय आकर बताया था कि वह अपने घर मे काम होने से रेती का ट्रेक्टर लेकर 6 अगस्त को आ रहा था। रास्ते मे थानेदार दौलत सिंह अपने थाने के कांस्टेबल ड्राइवर सलमान सिंह के साथ खड़े थे। थानेदार ने ट्रेक्टर रुकवाया और थाने ले जाकर ट्रेक्टर रुकवा दिया। थानेदार ने ट्रैक्टर छुड़वाने की एवज में 12 हजार रुपये मांगे। काफी निवेदन करने पर 7 हजार रुपये में तैयार हो गया। थानेदार ने उसी समय 4 हजार रुपये ले लिए और बाकी 3 हजार रुपये लाने को कहा।
बजरी से भरा टैक्टर छोड़ने के लिए मांगे थे 12 हजार
परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन किया तो कांस्टेबल सलमान ने ट्रेक्टर छोड़ने की एवज में पूर्व में उसके और थानेदार के जरिये 4 हजार रुपये लेना स्वीकार किया और बचे 3 हजार रुपये मांगे। परिवादी के काफी निवेदन पर कांस्टेबल सलमान ने 2 हजार रुपये लेकर थानेदार के सरकारी क्वार्टर के बाहर बुलाया।
इस पर आज परिवादी लसाड़िया थाने के थानेदार के सरकारी आवास के बाहर पहुंचा। यहाँ कांस्टेबल सलमान अली पहुंच गया। कांस्टेबल सलमान ने परिवादी से 2 हजार रुपये लिए और थानेदार दौलत सिंह से मिलवाया। परिवादी ने थानेदार से 2 महीने की मोहलत मांगी तो थानेदार ने नाराज होकर कहा कोई 2-3 महीने क्या होता है। इस पर कांस्टेबल सलमान ने थानेदार दौलत सिंह को बताया कि उसने 2 हजार रुपये ले लिए है, तभी एसीबी टीम वहां पहुंच गयी।
दरवाज़ा तोड़ कर कांस्टेबल को निकाला
एसीबी टीम ने बताया कि कांस्टेबल सलमान ने जब एसीबी टीम को देखा तो वह वाहन से भागा और सीधे थाने की मैस में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और रिश्वत राशि को जलाने का प्रयास किया। लेकिन तभी एसीबी टीम ने धक्का देकर दरवाजा खोला और रिश्वत राशि के साथ कांस्टेबल सलमान और थानेदार दौलत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी के अंकुश के बाद नही रुक रहा रेती पर बंधी का खेल
डीजीपी ने पुलिस के रेत-बजरी माफिया से पुलिस की मिलीभगत पर अंकुश के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए है और स्पष्ट निर्देश दिए है कि पुलिस सीधे किसी बजरी के ट्रक या ट्रेक्टर को नही रोकेगी, वह खनन विभाग के अधिकारी कर्मचारी को साथ रखकर या उनकी सूचना पर कार्यवाही करेगी। लेकिन इसके बावजूद पुलिस का रेत बजरी के ट्रकों को रोकना और उनसे उगाही करने का सिलसिला जारी है।


