उदयपुर,(ARLive news)। मेवाड़ के राजपरिवार से ताल्लुख रखती मधुलिका सिंह पुत्री नरेन्द्र सिंह मेवाड़ इन दिनों अपने पिता की निजी संपत्ति, यादें, मंदिर और उनकी समाधि बचाने के लिए अकेली लड़ रही है। शहर में कुछ भू-दलाल मधुलिका सिंह की बेशकीमती करोड़ों की संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
मधुलिका सिंह एनआरआई हैं और वर्तमान में उदयपुर में वे अपने प्रताप कंट्री इन स्थित भवन में निवासरत हैं, उनके पति व बच्चे यूएस में हैं। एक एनआरआई अकेली महिला होने का ही भू-दलाल फायदा उठा रहे हैं। उन्हें समस्या तब ज्यादा आती है कि जब इन भूमि दलालों को कुछ पुलिस अधिकारियों की सरपरस्ती मिली हुई है। शनिवार रात को भी मधुलिका सिंह को अवैध कब्जा की नियत रखने वाले इन भू-दलालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए काफी परेशान होना पड़ा।
यह हुआ था शनिवार का घटनाक्रम
कुछ व्यवसायी, भूमि दलालों के साथ मिलकर मेरी प्रताप-कंट्री इन स्थित जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करना चाहते हैं। इस भूखंड पर मेरे निवास भवन, पुरखों की समाधि और बायण माता जी कुलदेवी का मंदिर है। शनिवार रात को मैं पुरखों की समाधि पर दीपक रखने गयी थी, तब वहां देखा कि समाधि की दीवार को क्षतिग्रस्त किया गया था। वहां एक चौकीदार खड़ा था और उसने कहा कि यह जमीन अनवर खान, नीलकमल अजमेरा, हीरालाल जैन, पंकज जैन, ब्रजेष कंस्ट्रक्षन कंपनी के प्रेमल पारीख की है और यह कार्य उनके कहे अनुसार ही हुआ है।
इसमें हीरालाल जैन दुर्गा नर्सरी रोड स्थित हीरामन डवलपर्स के निदेशक, पंकज जैन एक्मे सर्वोदय ड्रीम वेंचर के पार्टनर, प्रेमल पारीख ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक हैं और इनकी ओर से अनवर खान और नीलकमल अजमेरा मुझे आए दिन धमकियां देते हैं। मेरे सवीना थाने में रिपोर्ट देने के बाद जब थानाधिकारी खुद मौका देखकर आए, तब जाकर उन्होंने इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
वहीं मामले में एक्मे सर्वोदय ड्रीम वेंचर के पार्टनर पंकज जैन के प्रतिनिधि ने बताया कि दीवार खराब मौसम के कारण टूट गयी होगी, हमने क्षतिग्रस्त नहीं की। मधुलिका सिंह मिस गाइड कर रही हैं।
यह है मामला : स्टे के बावजूद बाउंड्री वॉल को किया क्षतिग्रस्त

मधुलिका सिंह ने बताया इसका वाद लंबे समय से कोर्ट में चल रहा हैै। कोई निमार्ण कार्य नहीं करवा पाने के संबंध में इस पर स्टे भी आया हुआ है, इसके बावजूद कुछ पुलिस अधिकारियों की सरपरस्ती में इन लोगों ने पुराने मकान, मेरे निवास, कुलदेवी के मंदिर और पुरखों की समाधि को तोडने की नियत से बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त कर दिया। ये मुझे यहां से बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि इसे खाली भूखंड दिखाकर फर्जी तरीके से प्राप्त किए गए पट्टे को सही साबित कर सकें। मुझे यहां से बेदखल करने के लिए लगातार धमकियां दे रहे है।
जिसने निर्माण कार्य किया उसी ने खाली भूखंड बता फर्जी पट्टा जारी करवाया
मधुलिका ने बताया कि ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मेरे पिता जी से लगभग 17 बीघा जमीन खरीदने के बाद डीएचएफएल से भी मिलीभगत कर अपने वकील मनीष जोशी के जरिए इसकी फर्जी सर्च रिपोर्ट बनवा कर पूरे 19 बीघा को ही खाली भूखंड दिखाया था। जबकि मैंने मेरे नए निवास भवन जिसमें मैं निवासरत हूं, का कंस्ट्रक्शन का ठेका भी ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को ही दिया था। यूआईटी से जारी हुए खाली भूखंड का पट्टा बनने से बहुत साल पहले ही ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को 66 लाख रूपए का भुगतान भी मैंने बैंक के मार्फत किया था और उससे निर्माण करवाया था। बाद में इन लोगों ने मेरी जमीन हड़पने की बदनियति से इसे खाली भूखंड बताकर फर्जी पट्टा तक जारी करवा लिया। जबकि इस पर मेरे भवन का निर्माण खुद ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ही किया था।


