राजस्थान,(ARLive news)। लोकसभा चुनाव में हमें देश के नेतृत्व को चुनना है। मतदान दिवस लोकतंत्र का त्योहार है। ऐसे में दूसरे त्योहारों की तरह हमें बतौर मतदाता इसकी भी तैयारी करनी होगी। हर वोट मूल्यवान होता है, यह चुनाव लड़ रहा प्रत्याषी बखूबी जानता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोषी 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में मात्र एक वोट से हारे थे। ऐसे में हम किस सरकार को देश में चाहते है, इसके लिए मतदान करना बेहद जरूरी है।
मतदान करने के साथ ही हमारा यह जानना भी जरूरी है कि मतदान करते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे अहम बात है कि जब भी आप मतदान करने जाएं वोटर पर्ची के साथ ही अपना वोटर आईडी कार्ड भी लेकर जाएं, अगर ऐसा नहीं किया तो आाप मतदान केन्द्र पहुंचने के बाद भी मतदान नहीं कर सकेंगे।
दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव के समय सिर्फ वोटर पर्ची होने पर भी जनता मतदान कर सकी थी। लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वोटर पर्ची निर्वाचन आयोग की ओर से हर मतदाता के घर तक पहुंचाई जाती है।
जब भी वोट करने घर से निकलें वोटर पर्ची के साथ ही वोटर आईडी जरूर साथ रखें। वोटर आईडी नहीं है तो आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक पास बुक, पोस्ट ऑफिस पास बुक, ड्राइविंग लाइसेंस, सेवा पहचान पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, पेंषन दस्तावेज, स्मार्ट कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, आधिकारिक पहचान पत्र इनमें से किसी भी एक पहचान पत्र को वोटर पर्ची के साथ लाने के बाद ही आप मतदान केन्द्र के अंदर मतदान करने प्रवेश कर सकेंगे।
7 सैकंड में पता चलेगा जिसको वोट दिया उसी को गया या नहीं
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मतदान करते समय जैसे ही मतदाता ईवीएम मशीन पर बटन दबाएं तो तुरंत वीवीपैट को देखें। उसमें से एक पर्ची बाहर निकलेगी और सिर्फ 7 सैकंड के लिए ही मतदाता को दिखाई देगी। इस पर्ची में वह चुनाव चिह्न होगा, जिसे मतदाता ने ईवीएम में दबाकर वोट दिया है। अधिकारियों ने अपील की है कि इन 7 सैकंड्स में वीवीपैट पर ध्यान रखना। ईवीएम व वीवीपैट के परिणाम में अंतर दिखे तो तत्काल मतदान बूथ पर बैठे अधिकारी को सूचित करना।
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी के भी प्रलोभन में नहीं आएं और स्वविवेक से मतदान जरूर दें।


