
ललित मोहन रावल के पुत्र भुवन ने हाथीपोल थाने में राजू खारोल, हरि सिंह खरबड़, कौशल भटनागर, प्रकाश जैन, राकेश, मोहनलाल, बीएल रांका के खिलाफ पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करवाया है। ललित मोहन की जहर खाने से 15 मार्च को मौत हो गई थी। इन मामलों में पुलिस का रवैया इतना ढीला है कि दोनों ही मामलों में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
9.50 लाख के बदले 17 लाख, 36 तोला सोना हड़पा, फिर भी कहा यह तो ब्याज था
मृतक के पुत्र भुवन रावल के अनुसार उनके पिता ने 36 तोला सोना गिरवी रखकर 9.50 लाख रूपए ठेकेदार मोहनलाल से उधार लिए थे। इसके बदले मोहनलाल ने उनसे खाली चेक, स्टांप और दस्तावेजों पर साइन करा कर लिए थे। बाद में ललित मोहन रावल ने आरोपियों को 9.50 लाख के बदले 17 लाख रूपए चुका दिए और जब जेवर व दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने धमकाया कि अब तक जो रूपए दिए हैं, वह तो ब्याज था, मूलधन तो अभी बचा है। आए दिन आरोपी घर आकर धमकाते थे, जान से मारने की धमकी देते थे। आरोपियों ने हमारा जीना मुश्किल कर दिया था।


