कड़े के लिए महिला के पैर काटकर हत्या के मामले में भुगत रहा था सजा।

स्वास्थ्य खराब होने पर उसे 12 मई 2018 को टीबी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था, 14 मई को मोहन कालबेलिया पुलिस गार्ड को धक्का देकर फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुखबीर से सूचना थी कि मोहन कालबेलिया अपने ससुराल में छुपा है। इस पर पुलिस ने वहां दबशि दी और गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी हनुवंत सिंह ने बताया कि अभियुक्त मोहन कालबेलिया ने अपने अन्य साथियो भूरा उर्फ भूरीया व लालुराम के साथ मिल कर 4 मई 2015 को प्रतापनगर के साकरोदा क्षेत्र में उदीबाई पत्नी गोवर्धन लौहार की धारदार हथियार से हाथ-पैर काट कर हत्या कर दी थी और मृतका के चांदी के कड़े लूट लिये थे। इस सम्बंध में पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर दिया था और मामले की सुनवाई कर न्यायालय ने मोहन कालबेलिया को सजा सुनाई थी। मोहन कालबेलिया तब से उदयपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। गत वर्ष बीमार होने से उसे टीबी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। हॉस्पिटल में मौका पाकर मोहन पुलिस गार्ड को धक्का दे फरार हो गया था। इस अपराधी की गिरफ्तारी में एएसआई हमेरलाल, हेडकांस्टेबल विक्रम सिंह, कांस्टेबल उपेन्द्र सिंह और देवेन्द्र सिंह की मुख्य भूमिका रहीं है।


