
आदेश में सभी जिलों के एसपी व कमांडेंट को निर्देशित किया है कि थानों के पुलिसकर्मियों की संपर्क सभा बुलाकर सभी पुलिसकर्मियों से इस पर उनके विचार प्राप्त करें और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजें, ताकि इस प्रस्तावित निर्णय पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जा सके।
डीजी पुलिस लॉ एंड ऑर्डर एमएल लाठर ने जारी निर्देश पत्र में लिखा है कि सातों दिन करीब 24 घंटे की कार्यसेवा के चलते पुलिसकर्मियों की कार्य क्षमता में गिरावट होती है और वे अपने पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन भी नहीं कर पाते हैं। पुलिसकर्मियों के कार्यकुशलता में वृद्धि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्हें साप्ताहिक रेस्ट दिया जाना प्रस्तावित किया गया है। इसके अनुसार सभी पुलिस थाना, चौकी, आर्म्ड पुलिस बल की सभी कंपनियों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक रेस्ट मिलेगा। यह व्यवस्था इस प्रकार की जाएगी।
: यह अवकाश प्रारंभिक तौर पर सभी थाना प्रभारी, कंपनी कमांडर और अधीनस्थ कर्मचारी व पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा।
: थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को रात्री ड्यूटी के बाद पूरे 24 घंटे का रेस्ट सप्ताह में एक बार दिया जाएगा। यानि कोई पुलिसकर्मी यदि रात्री ड्यूटी करता है तो उस दिन एवं अगले दिन के सुबह के रोल कॉल में उपस्थिति में छूट मिलेगी।
: सभी पुलिस अधीक्षक और कंपनी कमांडेंट अपने-अपने जिला व यूनिटों के थानों एवं चौकियों व कंपनियों में पदस्थापित कार्मिकों का इस प्रकार से रोस्टर तैयार करेंगे जिससे हर पुलिसकर्मी को यह पता हो कि उसे कौन से दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। जैसे कि पुलिसकर्मी को एक बार सोमवार को साप्ताहिक रेस्ट दिया जाता है, तो उसे प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक रेस्ट दिया जाए।
: साप्ताहिक रेस्ट अंतर्राष्ट्रीय मेलों, चुनाव, वीवीआईपी भ्रमण, धार्मिक उत्सव जैसी अतिआवश्यक ड्यूटियों के दौरान नहीं दिया जाएगा।
: इस रेस्ट के साथ राजपत्रित अवकाश को प्रीफिक्स या सफिक्स नहीं किया जा सकेगा।
: यह आदेश उन पुलिसकार्मिकों पर लागू नहीं होंगे जो विभिन्न कार्यालयों में पदस्थापित हैं।


