
पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख वोटों से हराया था, जबकि उनके दूसरे प्रतिद्वंद्वि व कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय को महज 75,000 वोट मिले थे। पीएम मोदी के लिए सीट के फैसले के अलावा संसदीय बोर्ड की बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी चुनाव में उम्मीदवारों के लिए 75 साल जैसी कोई उम्र सीमा नहीं रखी जाएगी। बैठक से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जीत का माद्दा रखने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा, चाहे वह 75 साल से ज्यादा उम्र का ही क्यों न हो।
2014 की चुनावी जीत के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी ने सदस्यों के लिए नियमों में कई बदलाव किए थे। इसमें नेताओं के लिए सक्रीय राजनीति से रिटायरमेंट की उम्र सीमा 75 साल तय की गई थी। इससे 70 साल से अधिक उम्र वाले नेताओं को इस बार टिकट मिलने की संभावना न के बराबर रह गई थी। हालांकि 2014 में शानदार जीत करने वाले बीजेपी के कई प्रमुख नेता इस बार इसी दायरे में आ रहे थे, ऐसे में यह नियम अब बदल दिए गए। इन नेताओं में 91 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी, 85 साल के मुरली मनोहर जोशी और 77 वर्षीय कलराज मिश्र जैसे दिग्गज भी शामिल हैं।


