लंदन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुजा ने इस हकीकत को जानने वाले पूर्व मंत्री, पत्रकार सहित कई हत्याओं का भी किया जिक्र।

सैयद शुजा ने दावा किया है कि 2009 से 2014 के बीच इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीआईएल) में काम करता था और उस टीम का सदस्य था, जिसने 2014 के चुनाव के लिए ईवीएम मशीनें डिजायन की थी। सैयद शुजा ने लंदन में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से स्काइप के जरिए बातचीत की और कहा कि उन पर कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं, ईवीएम मशीन बनाने वाली उनकी टीम सदस्यों का मारा जा चुका है, जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस बात का खुलासा करना चाहा तो उन पर चार दिन पहले जानलेवा हमला हुआ है और उनकी छाती पर 18 टांके लगे हैं, इस कारण वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आ सके और स्काईप के जरिए पत्रकारों से बातचीत की। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के यूरोपीय चेप्टर और फॉरेन प्रेस एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता पत्रकार आशीष रे कर रहे थे।

गोपीनाथ मुंडे की कंपनी ने बनाए थे कनेक्टर, इसलिए उनकी हत्या हुई
सैयद शुजा ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की हत्या होने और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के तार इससे जुड़े होने का दावा किया है। उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गोपीनाथ मुंडे की कंपनी पीसीवी कनेक्टर बनाती थी। ईवीएम में उपयोग होने वाली वायर उनकी कंपनी से ही बने थे, ऐसे में उन्हें ईवीएम मशीन के बनाते समय हुई छेड़छाड़ की जानकारी थी। 2014 के चुनाव के बाद पहले उन्हें मंत्री बनाया गया और बाद में एक एक्सीडेट में उनकी मौत हो गई, सैयद शुजा ने दावा किया कि वह एक्सीडेंट नहीं हत्या थी। इसी प्रकार पत्रकार गौरीलंकेश ने आरटीआई के जरिए कुछ ऐसी जानकारिया हासिल की थी, जो इस ईवीएम मशीन हैंकिंग से संबंधित थीं, वे इसका खुलासा करती, इससे पहले उनकी भी हत्या कर दी गई।
शुजा ने दावा किया कि हैक होने वाली ईवीएम मशीन बनाने वाली उसकी टीम के अधिकतर सदस्य मारे जा चुके हैं। 2014 में लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद उसकी टीम कुछ नेताओं से मिली थी और यहीं उसकी टीम सदस्यों को गोली मार दी गई थी। उस पर भी हमला हुआ था, उसके भी हाथ पर गोली लगी थी, वह वहां से बमुश्किल बच पाया था और इसके बाद उसने अमेरिका में शरण ली थी।
शुजा ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रशासन के पास ईवीएम हैक करने के उसके दावा से संबंधित कई साक्ष्य भी हैं, जो उसने अमेरिका में शरण लेते समय प्रशासन को सुपुर्द किए थे।
कांग्रेस सहित देश के कई लोग शुजा के ईवीएम हैक करने के दावे और हत्याओं के संगीन आरोपों की जांच की मांग उठा रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार इसे विपक्षी दलों का प्रायोजित नाटक बताकर इससे दूरी बनाते हैं या फिर जांच कराकर सब कुछ स्पष्ट करने का प्रयास करेंगे, ताकि इन संगीन आरोपों की हकीकत सामने आ सके।
” शुजा की इस प्रेसकॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ईवीएम हैकिंग कांग्रेस का प्रायोजित आयोजन था। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस जब जीते तो ईवीएम सही है और हारे तो हैकिंग है। ईवीएम हैकिंग का आरोप पूरी तरह से निराधार है। हैकर ने इसपर कोई सबूत तक नहीं दिया। हैकर जैसे आरोप लगाकर भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं।
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि लंदन कई बार जाना हुआ। लेकिन कभी आशीष रे का नाम नहीं सुना। उन्होंने कहा कि जो निमंत्रण भेजा गया था, उसमें लिखा था कि हैकर सभी के सामने ईवीएम हैक करके दिखाएंगे, लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो वह मुंह पर कपड़ा ढक कर बैठे रहे और कुछ नहीं किया। रविशंकर प्रसाद ने गोपीनाथ मुंडे का जिक्र करते हुए कहा कि इन आरोपों में दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे का नाम उछाला गया है, क्योंकि वह जवाब देने के लिए अब इस दुनिया में नहीं हैं।“
AR LIVE NEWS सैयद शुजा के किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जो लंदन में हुई प्रेसकॉन्फ्रेंस के अंश दिखाए गए हैं, यह न्यूज उसी के आधार पर बनाई गई है।


