इन आदेशों से तो ये नेता अगले विधानसभा चुनाव तक भी पार्टी में वापस नहीं आ सकेंगे।

हालांकि ये सभी मंत्री पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी ने निष्कासन के आदेश में 6 वर्षों की समय सीमा तय कर जरूर सख्ती बरती है। निष्कासित करने के ये आदेश अन्य नेता, कार्यकर्ताओ में पार्टी की छवि बनाए रखने के लिए माने जा रहे हैं। यदि वर्षो की समय अवधि यही रही तो ये नेता अगले विधानसभा चुनाव तक भी पार्टी में वापस नहीं आ सकेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने गुरुवार को एक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि मंत्री सुरेंद्र गोयल, हेमसिंह भड़ाना, राजकुमार रिणवा, धनसिंह रावत के साथ ही पूर्व मंत्री लक्ष्मी नारायण दवे को 6 साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया है। राधेश्याम गंगानगर, रामेश्वर भाटी, कुलदीप धनकड़, दीनदयाल कुमावत, किशनाराम नाई, महिला विधायक अनिता कटारा को भी 6 साल के लिये पार्टी से निकालने का सख्त निर्णय लिया गया है।
जारी किया हुआ पत्र :



