
एडिएसपी सुरेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि 14 नवंबर को भदेसर निवासी रविन्द्र सिंह ने एसीबी कार्यालय आकर रिपोर्ट दी थी और पटवारी के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। रिपोर्ट कें प्रार्थी ने बताया था कि मेरे भाई महिपाल सिंह के नाम से पटवारी नाथूनाथ योगी ने कृषि भूमि के पास पड़ी भूमि का 91 भू राजस्व अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया था। जबकि इस भूमि पर प्रार्थी रविन्द्र सिंह का वर्षों से कब्जा है और वह अब भी इस पर कृषि कार्य करता है। भाई के नाम नोटिस जारी होने पर रवीन्द्र सिंह पटवारी से मिलने पटवार मंडल गया और उसे बताया कि इस भूमि पर उसका कब्जा है, ऐसे में भाई के नाम नोटिस जारी क्यों किया। इस पर पटवारी ने कहा कि मैं सब ठीक करवा दूंगा, लेकिन इसके लिए 5 हजार रूपए लगेंगे।
एसीबी में शिकायत मिलने के बाद सत्यापन किया गया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी इंस्पेक्टर दिलीप सिंह झाला के नेतृत्व में टीम चित्तौड़गढ़ के भेदसर पहुंची और पटवार मंडल में प्रार्थी से पांच हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
इस पटवार मंडल का है अतिरिक्त कार्यभार
एसीबी ने बताया कि अमरपुरा भदेसर निवासी पटवारी नाथूनाथ योगी पोटला पटवार मंडल में पोस्टेड है। लेकिन पिछले कुछ समय से उसके पास आकिया पटवार मंडल का अतिरिक्त कार्यभार है और वह इसी पटवार मंडल से रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है।


