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दो वर्षीय पुत्र की गला दबाकर हत्या करने वाले पिता को आजीवन कारावास

arln-admin by arln-admin
October 31, 2018
Reading Time: 1 min read
दो वर्षीय पुत्र की गला दबाकर हत्या करने वाले पिता को आजीवन कारावास


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जीवन के अंतिम क्षण तक सजा भुगतेगा आरोपी पिता।

उदयपुर। न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश, सलूंबर ने बुधवार को एक ऐसे पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसने अपने ही दो वर्षीय पुत्र की गला दबाकर हत्या कर दी थी और फिर सबूत मिटाने के लिए लाश को नहर में फेंक दिया था।

न्यायाधीश राकेश रामावत ने भौरिया फला अदात, थाना सेमारी निवासी हरीश पुत्र शंकरलाल मीणा को सश्रम आजीवन कारावास (उसके जीवित रहने तक) और 30 हजार रूपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी के जमा कराए जाने वाले यह 30 हजार रूपए मृतक की मां तुलसी को बतौर क्षतिपूर्ति दिलवाए जाने के आदेश दिए। मामले में बनाए गए सहअभियुक्त भौरिया फला अदात निवासी गजेन्द्र पुत्र फुला मीणा को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश दिए हैं।

प्रेम विवाह तो किया लेकिन सगोत्र होने से छोड़ दिया और पुत्र की हत्या कर दी

सेमारी थाने में 28 नवंबर 2015 को तुलसी ने रिपोर्ट दी थी। इसमें उसने बताया था कि करीब तीन वर्ष पहले वह माता-पिता के साथ गुजरात मजदूरी करने गई थी। वहां भौरिया फला निवासी हरीश भी मजदूरी करने आया। हरीश और तुलसी ने प्रेम विवाह किया और दोनों साथ रहने लगे। बाद में हरीश तुलसी के साथ जोधपुर गया और वहां मजदूरी कर साथ रहे। इस दौरान हरीश से तुलसी ने गर्भ धारण किया। जोधुपर से हरीश तुलसी को उदयपुर के सेमारी स्थित अपने गांव लेकर गया। तुलसी और हरीश के सगौत्र होने से परिवार ने तुलसी को स्वीकारा नहीं, हरीश ने भी तुलसी का साथ छोड़ दिया और उसे घर से निकाल दिया था। तुलसी अपने ननिहाल ऋषभदेव आकर रहने लगी। वहां उसने हरीश के बच्चे को जन्म दिया। इसका नाम तुलसी ने हिम्मत रखा।

हिम्मत करीब दो वर्ष का हो गया था। हरीश अपने पुत्र को साथ लेकर जाना चाहता था। दीपावली पर हरीश ने अपनी बहन आशा को भेजा। दीपावली के दो दिन बाद तुलसी ने पुत्र हिम्मत को आशा के सुपुर्द किया। चार-पांच दिन बाद तुलसी ने हरीश को फोन किया और बच्चे से मिलवाने या बात करवाने के लिए कहा। हरीश ने कहा कि वह पुत्र को लेकर खुद आ रहा है। 23 नवंबर 2015 को तुलसी ने पूरे दिन हरीश का इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आया। तीन-चार दिन बाद तुलसी हाईवे पर दूध लेने गई तो उसने दीवार पर लगे पोस्टर में पुत्र हिम्मत की फोटो देखी, उस पर लिखा था कि अज्ञात बच्चे की लाश नहर में मिली। तब तुलसी परिजनों के साथ सेमारी थाने पहुंची, जहां बच्चे की शिनाख्त की और हरीश के खिलाफ पुत्र की हत्या का मामला दर्ज करवाया।

पुलिस तफ्तीश में हरीश के अपने ही दो वर्षीय पुत्र हिम्मत की गला दबाकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के लिए लाश नहर में फेंकने का खुलासा हुआ। पुलिस ने तफ्तीश में हरीश की मदद करने वाले गजेन्द्र को सहअभियुक्त बनाया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। अभी कोर्ट ने गजेन्द्र को बरी कर दिया है।

Tags: murder

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