
एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए जिनमें एक प्रदर्शनकारी बेहोश हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने ‘लाठीचार्ज’ भी किया।
ऋण माफी, डीजल व बिजली दरों में कटौती, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन की अगुआई में ‘किसान क्रांति यात्रा’ के बैनर तले किसानों ने 23 सितंबर 2018 को हरिद्वार से पदयात्रा शुरू की थी । वे दिल्ली में किसान घाट जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें गाजियाबाद सीमा पर ही रोक दिया गया, जिससे वे उग्र हो गए ।
आंदोलन में शामिल अधिकांश किसान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वी यूपी में बस्ती, गोंडा, गोरखपुर के बताए जा रहे हैं ।


