
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गांव से सुबह गोलियों से छलनी तीन शव बरामद किए गए । मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान फिरदौस अहमद कुचई, निसार अहमद धाबी और कुलदीप सिंह के रूप में की गई है । चारों लोगों को कापरान और बाटगुंड गांवों स्थित उनके घरों से अगवा किया गया था ।
घटना के बाद 3 पुलिसकर्मियों ने अपना इस्तीफा दे दिया ।
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने ट्वीट करके कहा कि इस आतंकवादी घटना में हमने अपने तीन बहादुर साथियों को खोया है । हम तीनों शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं । इस निर्मम कृत्य की निंदा करते हैं और आश्वस्त करते हैं कि गुहनगारों को सजा दिलाई जाएगी । उन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शोपियां में खोज अभियान चलाया जा रहा है ।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के अपहरण की घटनाओं में वृद्धि हुयी है लेकिन केंद्र सरकार की नीति काम नहीं आ रही है । वार्ता ही एकमात्र रास्ता है जिससे कश्मीर में जारी हिंसा के दुष्चक्र का समाधान हो सकता है ।

