सरपंच को हस्ताक्षर करने के पूर्व सरपंच देता था 30 प्रतिशत हिस्सा।
पूर्व सरपंच ही करता था सभी सौदे।
उदयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इंटेलीजेंस यूनिट ने शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ के भदेसर में बागुण्ड ग्राम पंचायत की सरपंच संवरी देवी पत्नी गणेश लाल और पूर्व सरपंच भैरो सिंह को एक लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफतार किया है। आरोपी सरपंच और पूर्व सरपंच प्रार्थी से यह राशि उसकी एक बीघा जमीन के नामांतरण और आबादी भू परिवर्तन करने एवज में ले रहा था।
एसीबी के डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि एक लाख रूपए रिश्वत लेते हुए बागुण्ड पूर्व सरपंच भैरो सिंह को रंगे हाथों पकड़ा है और रिश्वत लेने में लिप्तता के चलते सरपंच संवरी देवी को गिरफ्तार किया हैै। संवरी देवी सरपंच होने के नाते दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करती थी और इसके अलावा सभी सौदे, लेन-देन का काम करने सहित सरपंचाई के सभी काम पूर्व सरपंच भैरो सिंह ही करता था। भैरो सिंह संवरी देवी को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के कुल राशि का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा देता है। शिकायत सत्यापन के दौरान भी संवरी देवी ने उदयपुर के रेबारियों का गुढ़ा निवासी प्रार्थी भैरो सिंह से यही कहा था कि मैं तो हस्ताक्षर कर दूंगी, बाकि लेन-देन भैरो सिंह ही करेंगे। सरपंच और पूर्व सरपंच को ट्रैप करने की कार्यवाही एसीबी निरीक्षक हरीशचन्द्र सिंह और एसीबी इंटेलीजेंस निरीक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में टीम ने की है।
तीन बीघा जमीन नामांतरण के 5-6 लाख ले चुका हूं, इसके एक लाख तो लगेंगे
एसीबी डीएसपी जोशी ने बताया कि रेबारियों का गुड़ा, प्रतापनगर निवासी भैरो सिंह पुत्र नाहर सिंह ने एसीबी में सरपंच संवरी देवी और पूर्व सरपंच भैरो सिंह के 2 लाख रूपए रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। इसमें प्रार्थी ने बताया था कि उसने चित्तौड़गढ़ के भदेसर में बागुण्ड ग्रांम पंचायत के सोहन खेड़ा में एक बीघा जमीन 14 लाख रूपए में खरीदी थी। इस जमीन के नामांतरण और आबादी परिवर्तन के लिए उसने ग्राम पंचायत में आवेदन किया था।
वहां मिले पूर्व सरपंच भैरो सिंह ने कहा कि इस काम के लिए कम से कम दो लाख रूपए लगेंगे। प्रार्थी की शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें प्रार्थी से हुई बातचीत में पूर्व सरपंच भैरो सिंह ने यह तक कहा कि ऐसे ही किसी अन्य के मामले में उसने 3 बीघा जमीन के 5 से 6 लाख रूपए लिए हैं। काफी निवेदन के बाद भैरो सिंह ने प्रार्थी से कहा कि इस काम के एक लाख रूपए तो लगेंगे ही, इससे कम में काम नहीं होगा।
शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रेप की योजना बनाई। प्रार्थी रिश्वत राशि लेकर पूर्व सरपंच के भादसौड़ा स्थित घर पहुंचा। कुछ ही देर में पूर्व सरपंच भैरो सिंह भी पहुंच गया और उसने प्रार्थी से काम करवाने की एवज में एक लाख रूपए ले लिए। तभी आस-पास मौजूद एसीबी टीम ने पूर्व सरपंच को रिश्वत के एक लाख रूपयों सहित रंगे हाथों पकड़ लिया। सत्यापन में सरपंच संवरी देवी की भी काम करने की एवज में रिश्वत लेने की पुष्टि हुई थी, ऐसे में टीम ने सरपंच संवरी देवी को झामरखेड़ी गांव में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।


