
फतह सिंह ने कोर्ट को बताया कि वह 2010 में उदयपुर की पुलिस लाइन में एसआई था। सीबीआई के मांगे जाने पर अधिकारियों के निर्देश पर मैंने वर्ष 2006 केे समय बदमाश आजम, तुलसी और सिलवेस्टर को अहमदाबाद पेशी पर लाने-जाने के लिए लगने वाली गार्ड के रिकॉर्ड का पुलिस लाइन का रोजनामचा, गार्ड फॉर्म और रेलवे वारंट संबंधित दस्तावेजों की फोटोकॉपी सीबीआई को गांधीनगर जाकर दी थी। ये दस्तावेज मैंने नहीं लिखे थे और न ही उस समय यहां तैनात था। ऐसे में मुझे इन दस्तावेजों की सत्यता की जानकारी नहीं है। इन दस्तावेजों में क्या लिखा था, मुझे इसकी जानकारी भी नहीं थी, मैंने दस्तावेजों की कॉपी सीबीआई को सिर्फ हैंडओवर की थी।
सोहराबुद्दीन का भाई शाहनवाजुद्दीन नहीं पहुंचा कोर्ट
कोर्ट में सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाजुद्दीन के बयान भी सोमवार को होने थे। लेकिन यह कोर्ट नहीं पहुंचा। शाहनवाजुद्दीन बतौर गवाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्यों कि इसे सीबीआई ने गवाहों की सूची में शामिल नहीं किया था, लेकिन इसने कोर्ट को खुद एप्लीकेशन देकर गवाह बनने की इच्छा जताई थी और सीबीआई पर आरोप लगाया था कि सीबीआई ने उससे कुछ दस्तावेज लिए थे और उन दस्तावेजों को चार्जशीट का हिस्सा भी बनाया, लेकिन उसे गवाह सूची में शामिल नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने उसे पेशी तारीख दी थी।

