: बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा आईओ के बयान तभी कराए जाएं जब सीबीआई सभी गवाह के बयान करवा दे।
: कोर्ट ने सीबीआई एसपी को कहा सीबीआई इस केस को गंभीरता से नहीं ले रही।
उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में शनिवार को मुंबई सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पीपी ने सूचना दी कि तुलसी की मां नर्मदा देवी बयान देने नहीं आना चाहती हैं और उन्होंने बयान देने के लिए यहां कोर्ट आने से भी इनकार कर दिया है। शनिवार को सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाजुद्दीन के बयान होने थे, लेकिन वह कोर्ट नहीं पहुंचा।
इधर कोर्ट में बचाव पक्ष के वकीलों ने निवेदन किया है कि मामले में करीब-करीब सभी गवाहों के बयान हो चुके हैं। ऐसे में सीबीआई अनुसंधान अधिकारियों के बयान तभी करवाए जब सभी गवाहों के बयान पूरे हो जाएं। सभी गवाहों के बयान करवाने के बाद सीबीआई कोर्ट में लिखित में एप्लीकेशन दे दे कि अब कोई नया गवाह बयानों के लिए नहीं बुलाएगी। इसके बाद ही अनुसंधान अधिकारियों के बयानों की तारीख तय की जाए। कोर्ट ने सीबीआई को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
परिवार वाले ही नहीं पहुंच रहे बयान देने
करीब डेढ़ महीने पहले कोर्ट में खुद एप्लीकेशन देकर बयान देने की इच्छा जाते वाले सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाजुद्दीन भी शनिवार को कोर्ट पेशी पर नहीं पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई निरीक्षक विश्वास मीना ने शाहनवाजुद्दीन से फोन पर बात की और पेशी पर नहीं आने के बारे में पूछा। विश्वास मीणा ने कोर्ट को बताया कि शाहनवाजुद्दीन ने फोन पर बीमार होने और 15 दिन के रेस्ट पर होने की जानकारी दी।
कोर्ट ने सीबीआई से सोमवार को आने वाले गवाह तुलसी की मां नर्मदा देवी और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के प्रार्थी उसके भाई रूबाबुद्दीन के बारे में पूछा। इन्हें भी सीबीआई ने कॉल कर पूछा और सीबीआई पीपी बीपी राजू ने कोर्ट को बताया कि नर्मदा देवी ने कहा है कि वे बयान देने नहीं आएंगी। रूबाबुद्दीन ने समन ही नहीं लिए हैं, ऐसे में उसके आने की संभावना कम हैं।
गौरतलब हैं कि नवंबर 2017 में जब यह ट्रायल शुरू हुई थी, तब पहले और दूसरे नंबर पर रूबाबुद्दीन अौर नयाबुद्दीन के गवाह पेशी तारीख थी। लेकिन तब से अब तक आई किन्हीं पेशियों पर वे कोर्ट बयान देने नहीं पहुंचे हैं। जबकि रूबाबुद्दीन सेशन कोर्ट में ट्रायल के दौरान और हाईकोर्ट में की अपील की सुनवाई के दौरान बतौर प्रार्थी कई बार आ चुका है। गुरुवार को भी नयाबुद्दीन पेशी पर नहीं पहुंचा तो कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
कोर्ट ने कहा सीबीआई केस को लेकर गंभीर नहीं
कोर्ट के बार-बार तलब करने के बाद शनिवार को सीबीआई एसपी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने एसपी के भेजे पत्र जिसमें उन्होंने केस से कंसर्न नहीं होने के बारे में लिखा था के प्रति नाराजगी जताई और उस लेटर के लिए स्पष्टीकरण मांगा। न्यायाधीश ने कहा कि गवाहों के नहीं आनेे से कोर्ट का समय खराब हो रहा है। शुक्रवार को भी एक गवाह नहीं आया और शनिवार को भी गवाह नहीं आया। ऐसा पिछले एक-डेढ़ महीने से चल रहा है, सीबीआई इस केस को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं है।
मुख्यालय के निर्देश के बाद हम गवाहों के संपर्क में नहीं
सीबीआई के स्पेशल पीपी बीपी राजू ने कोर्ट काे बताया कि सीबीआई मुख्यालय से निर्देश हैं कि हमारे बारे में उन्हें यहां गवाहों को डराने, धमकाने और मारपीट करने की शिकायत मिली है, यह ठीक नहीं है। ऐसे में हम गवाहों से संपर्क ही नहीं कर रहे हैं। गवाहों को समन भेजते हैं, गवाह आ जाता है तो उसे कोर्ट में पेश कर देते हैं। पीपी ने कोर्ट को बताया कि गवाह के कहने पर हम उसे उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत हुए बयान की कॉपी दिखा देते थे, तो इस पर भी आपत्ति आई।
इस पर कोर्ट ने कहा कि गवाह को उसके पूर्व के बयान दिखाने का कानून में कोई प्रावधान नहीं है। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि सीबीआई यह बात अब बोल रही है, जब गवाह करीब-करीब पूरे हो चुके हैं। सीबीआई यह बात कर कोर्ट को इंफ्लूएंस करने का प्रयास कर रही है।



