
सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में बुधवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में तुलसी की उज्जैन में रही वकील कृष्णा त्रिपाठी और तुलसी के भागने के बाद राजस्थान पुलिस टीम को हिम्मतनगर से पालनपुर छोड़ने वाले गाड़ी के ड्राइवर महिपाल सिंह के बयान हुए। दोनों को ही सीबीआई ने होस्टाइल घोषित कर दिया।
वकील कृष्णा त्रिपाठी ने कोर्ट में बयान दिए कि उज्जैन में लीगल एड के जरिए तुलसी के तीन केस उन्हें दिए गए थे। यह तीनों केस 1999 के थे। इस मुकदमों में जमानत होने के बाद तुलसी पेशियों पर कभी नहीं आया। फिर एक बार 2006 में उदयपुर पुलिस उसे किसी मामले में उज्जैन जेल लेकर आई थी। तब मैं भी उससे मिली थी और उसे पेशियों पर नियमित आकर पुराने तीनों केस खत्म करने के लिए कहा था। सीबीआई के सरकारी वकील के पूछने पर महिला वकील ने बताया कि पुराने तीनों केस से संबंधित बात के अलावा उसकी तुलसी से और कोई बात नहीं हुई थी और न ही तुलसी ने उससे कोई शिकायत करने को बोला था। तुलसी से कौन-कौन मिलने आता था, यह भी उसे नहीं पता। इस पर सीबीआई ने उसे होस्टाइल घोषित किया।
मैंने किसी पुलिसवाले को पालनपुर नहीं छोड़ा
हिम्मतनगर के ड्राइवर महिपाल सिंह ने कोर्ट को बताया कि वह गैस कंपनी का टेंपो चलाता है। पहले दूसरों की गाड़ी चलाता था। उसके पास एक निजी गाड़ी थी, लेकिन उसने अपनी कार कभी किसी को किराए पर नहीं दी और न ही किसी पुलिस वाले को हिम्मतनगर से पालनपुर छोड़ने गया। उसे यह भी जानकारी नहीं है कि उसका कोई दोस्त गाड़ी किराए पर चलाता है। इस पर सीबीआई ने इसे होस्टाइल घोषित किया।


