AR Live News
Advertisement
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
AR Live News
No Result
View All Result
Home Mewar

जानिए तिवाड़ी कैसे राज्य की राजनीति और भाजपा में अहम स्थान रखते थे

arln-admin by arln-admin
June 26, 2018
Reading Time: 1 min read


Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp
राजस्थान की राजनीति में भाजपा का चेहरा माने जाने वाले घनश्याम तिवाड़ी अब भले ही बीजेपी में न रहे हो, लेकिन भाजपा के लिए क्यों और कैसे अहमियत रखते थे, ये इस बात से ही स्पष्ट हो जाता है कि वे जीवन भर भाजपा में कई अहम पदों पर रहे है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
तिवाड़ी का जन्म स्वतंत्र भारत मे 19 दिसम्बर, 1947 खूड़, सीकर में हुआ था। पिता का नाम स्व. सुवालाल तिवाड़ी और माता स्व. शकुंतला देवी थीं। श्री कल्याण कॉलेज, सीकर, तथा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से बी.कॉम, एल.एल.बी. की। उन्होंने इंग्लैंड के बाॅर्विक विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र में भी स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।1972 में पुष्पा तिवाड़ी से  विवाह हुआ। तीन संतान  अखिलेश व आशीष (पुत्र), ऋचा (पुत्री) हैं। उनका निवास स्थान रामपथ, श्यामनगर, न्यू सांगानेर रोड़, जयपुर है।
15 वर्ष की आयु से शुरू किया राजनीतिक जीवन
15 वर्ष की आयु से ही तिवाड़ी का राजनीतिक केरियर प्रारम्भ हो गया था। अपने 50 वर्ष के राजनीतिक जीवन में विभिन्न पदों-दायित्वों पर रहे। इसके साथ ही तिवाड़ी ने विभिन्न सकारात्मक प्रयासों के जरिये समाज और राजनीति सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
1968-1970 तक ये श्री कल्याण कॉलेज, सीकर के छात्र महामंत्री रहे। 1970-1971 तक राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ, एपेक्स बॉडी के सदस्य रहे। साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयोजक एवं उपाध्यक्ष तथा राजस्थान युवा संघ एवं अखिल भारतीय संयोजक मंड़ल के अध्यक्ष भी रहे।
इतने महत्वपूर्ण पदों पर रहकर किया जिम्मेदारियों का निर्वहन
छात्र जीवन में दायित्व एवं पद
  • महामंत्री, श्री कल्याण काॅलेज, सीकर
  • सदस्य, अपेक्स बाॅडी, राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ
  • संयोजक एवं उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
  • अध्यक्ष, राजस्थान युवा संघ एवं अखिल भारतीय संयोजक मंडल
विधानसभा में जनप्रतिनिधि-विधायक के रूप में
  • 1980 से 1985 तक प्रथम बार विधायक, विधानसभा क्षेत्र सीकर
  • 1985 से 1989 तक पुनः विधानसभा क्षेत्र सीकर से विधायक
  • 1993 से 1998 तक विधानसभा क्षेत्र, चौमूं से विधायक
  • 2003 से 2013 तक विधानसभा क्षेत्र, सांगानेर से विधायक
  • 2013 से वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र, सांगानेर से विधायक
मंत्रित्वकाल
  • 02 जुलाई, 1998 से 30 नवम्बर, 1998 तक भाजपा सरकार में ऊर्जा मंत्री,
  • 08 दिसम्बर, 2003 से 2007 तक भाजपा सरकार में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, विधि एवं न्याय, संसदीय मामलात, भाषाई अल्पसंख्यक, पुस्तकालय एवं भाषा मंत्री, तथा
  • दिसम्बर, 2007 से वर्ष 2008 तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, विधि एवं न्याय मंत्री
विभिन्न समितियों से संबद्धता
  • 1981 से 1983 तक अधीनस्थ विधान संबंधी समिति के सदस्य
  • 1983 से 1988 तक जनलेखा समिति के सदस्य
  • 1993 से 1998 तक विधानसभा कार्य सलाहकार समिति एवं बजट प्रारूप समिति के सदस्य
  • 1994 से 1995 तक सभापति तालिका, वि.स. के सदस्य
  • 1994 में पेयजल समस्या समाधान समिति के सदस्य
  • 1994 से 1997 तक जनलेखा समिति के सभापति
  • 2014 में विधानसभा की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष
  • 2014-15 में विधानसभा की आश्वासन समिति, वि.स. के अध्यक्ष
  • वर्तमान में विधानसभा की याचिका समिति के सभापति
भाजपा संगठन में दायित्व एवं पद
  • 1981 में भाजपा, जिला सीकर के 6 वर्ष तक अध्यक्ष
  • 1991 में भाजपा, राजस्थान प्रदेश के महामंत्री
  • 1989 से 2003 तक भाजपा, राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष
  • 1992 से 1994 तक भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य
  • 1992 से 1994 तक भाजपा, राजस्थान के प्रवक्ता
  • 1992 से 1994 तक चुनाव समिति, भाजपा, राजस्थान के सदस्य
  • 2000 से राष्ट्रीय कार्यकारिणी, भाजपा के सदस्य
  • 2008 में चुनाव घोषणा-पत्र समिति, भाजपा, राजस्थान के अध्यक्ष
अन्य महत्वपूर्ण दायित्व
  • अध्यक्ष, केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार परिषद, माध्यमिक शिक्षा के सार्वजनीकरण की उप-समिति
  • सदस्य, डिलिमिटेशन कमीशन-2004, भारत सरकार, परिसीमन आयोग
प्रकाशन
  • सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए आर्थिक आधार पर सभी वर्गों को 15 प्रतिशत आरक्षण फाॅर्मूला-2003
  • आरक्षण मेरी भूमिका पुस्तक
पुरस्कार
  • शिक्षा मंत्रित्वकाल में साक्षरता के क्षेत्र में 2006 में यूनेस्को कंफ्यूशियस पुरस्कार
अन्य चुनौतीपूर्ण दायित्व
  • 1980 से 1989 तक लगातार एक दशक तक विधायक की भूमिका में मुखर वक्ता के रूप में जन समस्याएं उठाने के कारण विशेष दर्जा
  • 07 मार्च, 1994 से 30 सितम्बर, 1994 तक राजस्थान आवासन मंडल के कार्य-कलापों की जांच संबंधी समिति के सभापति
  • जनलेखा समिति के सदस्य बनकर भ्रष्टाचार के बड़े मामले उजागर किए, कुछ मामलों में दोषी अफसरों को सजा
  • आपातकाल में डीआईआर में बंदी, आपातकाल में सहे अत्याचारों के लिए लोकतांत्रिक पखवाड़ा के तहत सम्मानित
  • गौ-रक्षा आंदोलन, कच्छ समझौता, शिमला समझौता विरोधी आंदोलन
  • गडरा आंदोलन में संयोजक के रूप में सक्रिय योगदान, 8 बार जेल यात्रा
  • 22 नवम्बर, 1992 को कारसेवा के लिए 150 कारसेवकों के पहले जत्थे का किया नेतृत्व
  • राजस्थान में पेयजल समस्या समाधान के प्रयास और कर्मचारी हड़ताल समाप्त कराने में महत्वपूर्ण योगदान
  • 2000 से अक्टूबर, 2002 तक राज्य वित्त आयोग के सदस्य
  • 2008-20014 उपनेता प्रतिपक्ष

2016-2018 दीनदयाल वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष

visitors

arlivenews
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • International
  • Expert Articles
  • photo gallery
  • Entertainment
  • Privacy Policy
  • Archives
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .

error: Copy content not allowed
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .