
उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में शुक्रवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में हुए गवाह दिनेश गुर्जर के बयानों ने सीबीआई की चार्जशीट में बताई एनकाउंटर की कहानी को बल दे दिया। गुर्जर ने कोर्ट को बताया कि आरके मार्बल मालिक से फिरौती मांगने के चलते गृहमंत्री कटारिया के कहने पर गुजरात और राजस्थान पुलिस अधिकारियों ने सोहराबुद्दीन काे एनकाउंटर में मारा था। दूसरा गवाह एसआई दयालाल के बयान हुए।
दिनेश गुर्जर ने कोर्ट को बताया कि जब तुलसी 2006 में हामिदलाल हत्याकांड में उदयपुर सेंट्रल जेल लाया गया, तब मैं हत्या के एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। तुलसी ने मुझे बताया था कि उसने और सोहराबुद्दीन ने उदयपुर के मार्बल व्यवसायी से 25 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी, पांच करोड़ देने को वह देने को तैयार हो गया था। लेकिन फाइनल बात नहीं बनी तो मार्बल मालिक ने उस समय गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया को कहा था। गुलाब चंद कटारिया के कहने पर गुजरात और राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर कर मारा था। गुजरात एटीएस ने आंध्रप्रदेश से लौटते समय बस से सोहराबुद्दीन का उतारकर अपहरण किया था। गुजरात एटीएस पुलिस कौसरबी को साथ नहीं लाना चाहती थी, लेकिन कौसरबी ने पति को अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया तो उसे साथ लाई थी सोहराबुद्दीन के एनकाउंटर के बाद उसे भी मार दिया था। तुलसी दोनों के अपहरण का चश्मदीद गवाह था।
तुलसी ने पेशी पर जाते समय कहा था, अब वापस नही आऊंगा
दिनेश गुर्जर ने कोर्ट को बताया कि तुलसी के कहने पर मैंने एक एप्लीकेशन ड्राफ्ट की थी और साथी कैदी नासिर हुसैन ने लिखी थी। इसमें तुलसी ने खुद की जिंदगी को खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की थी। यह एप्लीकेशन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी थी। तुलसी मेरा करीबी दोस्त नहीं था, मैंने उसके लिए एप्लीकेशन ड्राफ्ट की थी।एनकाउंटर से पहले पेशी पर ले जाते समय गार्ड इंचार्ज ने तुलसी को इशारा किया था कि तुम्हारा एनकाउंटर हो सकता है, तब जाते समय तुलसी ने मुझसे कहा था कि अंकल अब वापस नहीं आऊंगा।
खुद कई मामलों में अपराधी रहा है गुर्जर
क्रॉस में वकील वहाब खान ने दिनेश गुर्जर का आपराधिक रिकॉर्ड निकलवाया तो पता चला कि मादक पदार्थों की तस्करी में एनडीपीएस के, जोधपुर में हत्या सहित कई मामले दर्ज हैं। हत्या के सजा होने के बाद भी वह पेरोल से फरार हुआ था। बाद में पकड़े जाने के बाद एनडीपीएस मामलों में नवसरी और बड़ौदा जेल में रहा, इसके बाद उदयपुर सेंट्रल जेल 2002 में आया था।


