
विद्युत तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर के सिंह ने विद्युत मंत्रालय द्वारा आयोजित मीटर निर्माताओं की बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी ।
उन्होंने निर्माताओं को राय दी कि वे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का उत्पादन बढ़ा दें क्योंकि आने वाले वर्षों में इसकी मांग बढेगी । साथ ही उन्होंने यह भी सलाह दी कि वे एक विशेष तिथि के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अनिवार्य बनाने पर विचार करें ।
बैठक में मीटरों के विभिन्न पहलुओं जैसे बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणीकरण, आरएफ/ जीपीआरएस के साथ मेल तथा वर्तमान डिजिटल संरचना के साथ मेलमिलाप समेत स्मार्ट मीटर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गयी । बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सभी तकनीकी पहलुओं पर मीटर निर्माताओं, बिजली वितरण कंपनियों तथा प्रणाली एकीकरण करने वालों की सलाह से आगे आगे चर्चा की जाएगी ।
इससे ऊर्जा संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा और बिजली क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा । एटी तथा सी नुकसान कम होंगे, बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति में भी सुधार आयेगा । बिल का भुगतान करना पहले से ज्यादा आसान हो जायेगा । इसके अलावा युवाओं के लिए कौशल संपन्न रोजगार का मार्ग खुलेगा ।
बैठक में विद्युत सचिव श्री ए के भल्ला, अपर सचिव श्री संजीव नंदन सहाय, संयुक्त सचिव श्री अरुण कुमार वर्मा तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, पीएफसी, आरईसी, ईईएसएल के अधिकारी और मीटर निर्माता उपस्थित थे।

