
न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति एम एम शांतानगौदर की अवकाश पीठ ने याचिकाकर्ता की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उसने क्लैट 2018 की परीक्षा को खारिज कर परीक्षा को दोबारा करवाने की मांग की थी ।
पीठ ने शिकायत निवारण समिति को क्लैट अभ्यर्थियों की (ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के दौरान हुई गड़बड़ी में मिली) शिकायतों की जांच के लिए अतिरिक्त समय दे दिया। और 6 जून तक अपनी रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा है ।
बता दें क्लैट 2018 की परीक्षा सम्बन्धी शिकायतों में 13 मई को संपन्न टेस्ट में कई तकनीकी एवं अन्य खामियां होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत निवारण समिति की अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं।
देश भर में 19 राष्ट्रीय विधि महाविद्यालयों में करीब 54000 अभ्यर्थियों ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु क्लैट 2018 परीक्षा दी थी। क्लैट के परिणामों की घोषणा के बाद इन सभी विधि महाविद्यालयों में दाखिला लेने का रास्ता खुल जाएगा ।

