कोयले की कमी से दिल्ली में गहरा सकता है बिजली संकट नई दिल्ली । कोयले की कमी के चलते दिल्ली में बिजली संकट गहरा सकता है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दिल्ली एनसीआर में बस एक दिन की ही बिजली बची है। इस बात की
पुष्टी खुद दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने की है।
ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में बिजली संकट की सम्भावना है, क्योंकि बिजली संयंत्रों के पास कोयले का आरक्षित भंडार एक दिन से ज्यादा की खपत के लिए नहीं बचा है।
ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र ने कोयले की कमी के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल को जिम्मेदार ठहराया।
सत्येन्द्र जैन ने कहा कि उन्होंने गोयल को 17 मई को ही पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। जैन ने कहा, “एनसीआर के बिजली संयंत्रों के पास कोयला नहीं है। दादरी-1 और 2, बदरपुर और झज्जर किसी भी संयंत्र के पास कोयला का भंडार एक दिन से ज्यादा की खपत के लिए नहीं है । सामान्यतः हमारे पास हमेशा अतिरिक्त बिजली रहती थी । लेकिन आज कोई अतिरिक्त बिजली नहीं है , जिस कारण यदि कोई संकट उत्पन्न होता है तो अंधेरा छा जाएगा और मानव जनित आपदा की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
मंत्री ने बताया कि बिजली संयंत्रों के पास 14 दिनों की खपत के लिए कोयले का आरक्षित भंडार होना चाहिए।

