
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत भाजपा ने अलवर एवं अजमेर जिले के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। इस प्लानिंग के तहत दूसरे जिलों के कार्यकर्ताओं को अलवर एवं अजमेर में लगाया जाएगा। भाजपा विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाएगी।
अजमेर एवं अलवर लोकसभा और मांडलगढ विधानसभा सीट पर 29 जनवरी को उप चुनाव हुए थे। उप चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पडा था। दो लोकसभा क्षेत्र की 16 और मांडलगढ विधानसभा क्षेत्र सहित सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को हार का सामना करना पडा। कई बूथों पर भाजपा को एक-दो वोट मिले।
उप चुनाव की हार के बाद भाजपा ने अजमेर एवं अलवर लोकसभा क्षेत्र और मांडलगढ विधानसभा क्षेत्र के संगठनात्मक स्ट्रक्चर में बदलाव करने का निर्णय लिया था।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने उप चुनाव वाले सभी 17 विधानसभा क्षेत्र की बूथ कार्यकारिणी भंग करके नई कार्यकारिणी बनाने की प्रोसेस शुरू कर दी है। भाजपा ने इन 17 विधानसभा क्षेत्र के लिए विशेष प्लानिंग की है। इस प्लानिंग के तहत बूथ कार्यकारिणी में दूसरे जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। दूसरे जिलों में बूथ मैनेजमेंट का अच्छा काम कर रहे, पार्टी कार्यकर्ताओं को अलवर, अजमेर एवं मांडलगढ में लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार की गई है, जिनका विभिन्न समाजों और कांग्रेसी वाटर्स में अच्छा प्रभाव है। इन कार्यकर्ताओं को संगठन में पद दिया जाएगा। ताकि कांग्रेसी वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। हर बूथ पर जातिगत समीकरण के आधार पर संगठनात्मक कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। अल्पसंख्यक बाहुल्य वाले बूथ पर अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेँट का जिम्मा दिया जाएगा।


