मुम्बई. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में 9 मई से तुलसी से संबंधित गवाहों के बयान होंगे। 9 मई से दस दिनों तक चलने वाली पेशियों में डीएसपी हिम्मत सिंह और निरीक्षक हजारीलाल के पूर्व में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान हो चुके है। जून में डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा और एडि.एसपी सुधीर जोशी के बयान होंगे। इनके भी पूर्व में 164 के बयान हो चुके हैं, ऐसे में इन चारों के बयान बहुत महत्वपूर्ण रहेंगे।
9 मई तुलसी के साथ जेल में रहा कैदी नमित शर्मा, पुलिस कर्मी अभय सिंह राठौड़, 10 मई आरपीएस तत्कालीन सूरजपोल एसएचओ व डीएसपी जसवंत सिंह राठौड़, डीएसपी विजेंद्र कुमार व्यास, 11 मई आरपीएस तत्कालीन एसएचओ वर्तमान डीएसपी हिम्मत सिंह, कांस्टेबल कांतिलाल मीणा, बुद्धनारायण, तेज सिंह, 14 मई प्रतापनगर एसआई गोपाल रामचंदानी, 15 मई एसआई दयालाल, कांस्टेबल निजामुद्दीन, 16 मई कांस्टेबल फतह सिंह, डीएसपी तत्कालीन एसएचओ पर्बत सिंह, 17 मई कांस्टेबल गोविंद सिंह, डीएसपी तत्कालीन एसएचओ ओमकुमार, एसआई हजारीलाल मीणा, 18 मई एसआई किशन सिंह सोलंकी के बयान होंगे। 18 मई के बाद 4 जून को भंवर सिंह हाड़ा, आईपीएस हिंगलाजदान, 5 जून को एडि.एसपी सुधीर जोशी सहित अन्य गवाहों के बयान हैं।
164 के बयानों से पहुंचा था दिनेश एमएन की टीम को सबसे ज्यादा नुकसान
पुलिस अधिकारी भंवर सिंह हाड़ा, हिम्मत सिंह और सुधीर जोशी के पूर्व में हो चुके 164 के बयानों से ही तत्कालीन उदयपुर एसपी वर्तमान आईजी दिनेश एमएन और उनकी टीम को सबसे ज्यादा प्रभावित किया था और सीबीआई ने चार्जशीट में बताई कहानी की कई कड़ियों को इनके बयानों के आधार पर ही जोड़ा था।


