उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर नगर निगम के बहुचर्चित 272 प्लॉट प्रकरण के आरोपियों की मदद करने की एवज में दो करोड़ रुपए की रिश्वत के आरोप में पकड़े गए एसओजी एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की इंटेलीजेंस विंग ने गिरफ्तार कर लिया है एसीबी एडि.एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार सोनी और दलाल सज्जन सिंह जैन से पूछताछ की जा रही है। | Udaipur ACB Arrest Mukesh Soni
एसीबी टीम अब एडिशनल एसपी मुकेश सोनी और उनके दलाल सज्जन सिंह जैन को आमने-सामने बैठाकर मामले से संबंधित पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ में यह खुलासा होना भी जरूरी है कि 272 प्लॉट प्रकरण में दो माह पूर्व गिरफ्तार हुई हेमलता कांकरिया या उसके पति को किस तरह की राहत दिलाई जानी थी, जिसके लिए दो करोड़ रुपए की मांग की गई। बता दें एडि.एसपी मुकेश सोनी की उदयपुर एसओजी से पहले अन्य जिलों में रही पोस्टिंग भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी और विवादित रही हैं।
बहुचर्चित भूखंड घोटाले में क्या हेमलता एक मोहरा मात्र है.?
भूखंड घोटाले से संबंधित वे कौन से भूखंड हैं और किसके भूखंड है, जिनके दस्तावेज हेमलता कांकरिया के घर की तलाशी के दौरान एसओजी ने बरामद किए थे, लेकिन जब्ती कार्रवाई में शामिल नहीं किए थे? क्या इस भूखंड घोटाले में हेमलता कांकरिया एक मोहरा मात्र है।
हेमलता पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी रह चुकी हैं, ऐसे में संभावना है उन्हें व्यवस्था की खामियां और उनका फायदा उठाने की तरीके भी बखूबी पता होंगे। बता दें हेमलता कांकरिया भले ही अभी एसीबी के समक्ष पीड़िता है, लेकिन वे बहुचर्चित भूखंड घोटाले की मुख्य आरोपियों में शामिल हैं।
नगर निगम के इस बहुचर्चित भूखंड घोटाले की जांच और उसकी आंच में कई बड़े और सफेदपोश लोगों के नाम आने की संभावना है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह दो करोड़ रुपए उन्हीं सफेदपोश और रुतबेदार लोगों के कॉलर तक हाथ नहीं पहुंचाने की एवज में मांगे गए थे, क्योंकि हेमलता कांकरिया की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी।
क्या 272 प्लॉट प्रकरण की जांच प्रभावित होगी?
अब बड़ा सवाल यह है कि एसीबी की इस कार्रवाई के बाद बहुचर्चित 272 प्लॉट प्रकरण की जांच का क्या होगा? क्या यह एसीबी ट्रैप इस केस की जांच को प्रभावित करेगा? और क्या एसओजी के हाथ इस प्रकरण के मुख्य आरोपियों तक कभी पहुंच पाएंगे?
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एसीबी द्वारा एडि.एसपी मुकेश सोनी को गिरफ्तार करने के प्रकरण की रिपोर्ट एसीबी से एसओजी को प्राप्त होगी। उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिस केस की जांच मुकेश सोनी कर रहे थे, उस प्रकरण की जांच पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एसओजी द्वारा प्रकरण की जांच अन्य अधिकारी को दी जाएगी।
विधानसभा में उठ चुका है 272 प्लॉट प्रकरण
उदयपुर का बहुचर्चित 272 प्लॉटों का प्रकरण न सिर्फ विधानसभा में उठ चुका है, बल्कि बड़े नेताओं, पुलिस अधिकारियों और धोखाधड़ीपूर्वक अवैध रूप से इन भूखंडों पर कब्जा करने वाले लोगों की भी इस प्रकरण पर नजर है।
क्या होगा इस ट्रैप केस का हश्र..? मुकाम पर पहुंचेगा या ढेर होगा?
एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को एसीबी ने गिरफ्तार तो कर लिया है। अब देखना यह होगा कि एसीबी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर इस केस को मंजिल तक पहुंचा पाएगी या नहीं? क्या मुकेश सोनी के खिलाफ चालान पेश होगा? या इस केस का हश्र भी वैसा ही होगा, जैसा पूर्व में एसीबी द्वारा गिरफ्तार की गयीं एसओजी एडि.एसपी के केस में हो चुका है।
तब : वर्ष 2023 में एसीबी ने एसओजी एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल और उनके दलाल सुमित को एनडीपीएस के एक मामले की जांच के दौरान आरोपी की गिरफ्तार नहीं करने की एवज में दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब यह मामला काफी चर्चित रहा था, यहां तक कि यूडीए ने दिव्या मित्तल के रिसोर्ट पर बुलडोजर तक चलवा दिए थे।
अब इसी वर्ष एसीबी ने भ्रष्टाचार के उस मामले में दिव्या मित्तल को क्लीन चिट दे दी है और यह केस ही बंद कर दिया गया है। तो यह देखना दिलचस्प रहेगा कि एडि.एसपी मुकेश सोनी के केस में क्या होगा।
क्लिक कर यह भी पढ़ें : बीती रात दलाल को दो करोड़ की रिश्वत लेते एसीबी ने किया था रंगे हाथों गिरफ्तार
क्लिक कर यह भी पढ़ें: इसी माह 10 सितंबर को भी एसओजी ने भूखंड प्रकरण के की थी एक गिरफ्तारी
मामले में वर्ष 2024 में हुई थी पहली बार गिरफ्तारी

